डबवाली से गुजरात भेजे गए गेहूं पर सवाल खड़े हो गए हैं। यह गेहूं खाने लायक नहीं है। यहीं नहीं शॉर्टेज के साथ-साथ गेहूं के बैग भी कम हैं। गुजरात के भारतीय खाद्य निगम के अधिकारियों से मिली इस रिपोर्ट ने भारतीय खाद्य निगम में हड़कंप मचा दिया है।
इससे भारतीय खाद्य निगम डिपो डबवाली के गुणवत्ता निरीक्षक की जांच पर भी सवालिया निशान उठने लगे हैं। एफसीआई हरियाणा ने मामले की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी है। 24 अप्रैल 2014 को एफसीआई डबवाली ने डबवाली अनाज मंडी से विभिन्न खरीद एजेंसियों द्वारा खरीदा गया गेहूं उठाकर स्पेशल लोड करवाया था।
करीब 67 हजार 392 बैग गेहूं डबवाली से गुजरात के लिए रवाना किए गए थे। सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार गुजरात में गेहूं के करीब 150 से 200 बैग कम पाए गए हैं। यही नहीं करीब 1500 क्विंटल शॉर्टेज पाई गई है। इसके अतिरिक्त गुणवत्ता निरीक्षक की जांच पर प्रश्नचिह्न भी लगा है।
इसमें सैकड़ों ऐसे बैग भी मिले हैं, जिनमें डाला गया गेहूं सड़ चुका है। भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) गुजरात ने उपरोक्त मामले की रिपोर्ट एफसीआई हरियाणा को की है। इसके बाद एफसीआई हरियाणा के डिपो डबवाली के कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है। एफसीआई हरियाणा ने कमेटी का गठन करके मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
गुणवत्ता निरीक्षक की जांच पर सवाल
एफसीआई डिपो डबवाली के गुणवत्ता निरीक्षक की जांच पर सवालिया निशान लग गए हैं। गुजरात से आई रिपोर्ट के अनुसार काफी संख्या में ऐसे बैग हैं, जिनमें भरा गेहूं डैमेज (यानी खाने लायक नहीं) है। नियमानुसार खरीद केंद्र या गोदाम से गेहूं उठान के बाद एफसीआई के धर्मकांटे पर वजन किया जाता है।
इस दौरान गेहूं की गुणवत्ता जांच की जाती है। इसके अतिरिक्त एफसीआई समय-समय पर गेहूं की गुणवत्ता जांचने का कार्य करती है, लेकिन उपरोक्त मामले में अनाज बिल्कुल नया था। ऐसे में काफी संख्या में बैग कम होने, शॉर्टेज होने और गेहूं डैमेज मिलने पर एफसीआई कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर संदेह के घेरे में है।
नियमों को रौंदकर भेजा गया था अनाज
24 अप्रैल 2014 को जो स्पेशल गुजरात भेजी गई थी, उस दौरान नियमों की धज्जियां उड़ाई गई। नियमानुसार एफसीआई खरीद केंद्रों से सीधे गेहूं लोड करके स्पेशल भर सकती है, लेकिन अनाज मंडी में पड़े हजारों बैग सीधे लिफ्ट नहीं कर सकती, लेकिन एफसीआई कर्मचारियों, अधिकारियों और ट्रांसपोर्टर की मिलीभगत से नए अनाज के हजारों बैग उठान करके भरे गए।
गुजरात भेजे गए गेहूं में शॉर्टेज और डैमेज का मामला सामने आया है। इस मामले की जांच के लिए एफसीआई ने कमेटी गठित की है। जांच में दोषी पाए जाने वाले कर्मचारी के खिलाफ कमेटी की रिपोर्ट के बाद कार्रवाई होगी।
-विनोद कक्कड़, प्रभारी, एफसीआई डिपो डबवाली