किसान लीलूराम बैनीवाल ने बताया की उसने 35000 रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से जमीन ठेके पर ले रखी है। दो एकड़ जमीन का 70 हजार रुपये का ठेका दे दिया। फिर 600 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से ग्वार का बीज खरीदा, जो कि दो एकड़ में 5 किलोग्राम बीज डाला गया, जिसकी कीमत 3000 रुपये है।
सिरसा के चोपटा खंड के गांव जमाल में ग्वार का बीज खराब निकलने से आहत किसान ने वीरवार को ग्वार की दो एकड़ खड़ी फसल को ट्रैक्टर चलाकर नष्ट कर दिया। किसान ने बताया कि ग्वार की फसल में अभी तक फली नहीं लग पाई है। इस कारण ग्वार का होना संभव ही नहीं था। किसान का आरोप है कि यह बीज पूरी तरह से नकली थी। किसान ने प्रशासन से खराब बीज बेचने वाले कंपनियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
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गांव जमाल के किसान लीलूराम बैनीवाल ने दो एकड़ जमीन पर खड़ी ग्वार की फसल को ट्रैक्टर चलाकर नष्ट कर दिया। किसान ने बताया की उसने 35 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से छह एकड़ जमीन ठेके पर ले रखी है। इसके अतिरिक्त अपनी 19 एकड़ जमीन पर खेती करता है। उसने बताया कि उसने करीब साढ़े चार एकड़ में बीटी नरमा, साढ़े चार एकड़ में मूंगफली और बाकी जमीन में ग्वार की फसल की बिजाई कर रखी है।
ठेके पर ली 6 एकड़ में से 2 एकड़ जमीन पर उसने कंपनी का बीज खरीदकर बिजाई की थी। बाकी जमीन पर घर के बीज से बिजाई की थी। घर के बीज से बिजाई की गई फसल अच्छी खड़ी है, जबकि कंपनी के बीज वाली फसल खराब है। उसमें फली ही नहीं लगी है। इसलिए मजबूरन उत्पादन न होने की सूरत में खेत में ट्रैक्टर चलाकर फसल को नष्ट करना पड़ा है।
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80 हजार रुपये का हुआ नुकसान
किसान लीलूराम बैनीवाल ने बताया की उसने 35000 रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से जमीन ठेके पर ले रखी है। दो एकड़ जमीन का 70 हजार रुपये का ठेका दे दिया। फिर 600 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से ग्वार का बीज खरीदा, जो कि दो एकड़ में 5 किलोग्राम बीज डाला गया, जिसकी कीमत 3000 रुपये है। इसके साथ ही बिजाई का खर्च तथा ग्वार की फसल को बचाने के लिए 4 बार कीटनाशकों का छिड़काव भी किया है। किसान ने बताया की कुल मिलाकर 2 एकड़ जमीन में 80 हजार रुपये का खर्चा हो गया।
किसानों को फसल उखाड़ने की जल्दी नहीं करनी चाहिए
इस समय बारिश के मौसम में ग्वार की फसल पर फंगस का प्रकोप शुरू हो गया है, जिससे फसल खराब हो रही है। ग्वार की फसल नष्ट करने की उन्हें कोई जानकारी नहीं, अगर फसल खराब हो रही है तो इसकी जांच करवानी चाहिए। किसानों को फसल उखाड़ने की जल्दी नहीं करनी चाहिए। बीज, खाद, दवाई खरीदने का बिल किसान को पास रखना चाहिए। डॉ शैलेंद्र सहारण, कृषि विकास अधिकारी।