आबकारी एवं कराधान विभाग ने शहर की करीब 14 फर्जी फर्मों के खिलाफ जीएसटी चोरी की शिकायतें शहर थाने में दर्ज करवाई गई हैं। पुलिस ने शाम तक सात फर्जी फर्मों के खिलाफ टैक्स चोरी का मामला दर्ज करके कार्रवाई शुरू कर दी है, बाकी के खिलाफ कार्रवाई चल रही है।
सात फर्मों के खिलाफ करीब 1 करोड़ 28 लाख 93 हजार 108 रुपये टैक्स चोरी का मामला दर्ज किया गया है। वहीं ओढां थाने में भी सिरसा की एक फर्म के खिलाफ 23 लाख 24 हजार 377 रुपये के टैक्स चोरी का मामला दर्ज किया गया है। आबकारी एवं कराधान विभाग ने कुल 14 फर्मों के खिलाफ टैक्स चोरी की शिकायतें दी हैं।
इन फर्मों ने ऐसे लगाई सरकार को चपत
जानकारी अनुसार आबकारी एवं कराधान विभाग के अधिकारी चाप सिंह ने शिकायत दी है कि लीलाधर निवासी वासी ठाकरान वाली गली की फर्म सिरसा मेसर्स गंगाराम ट्रेडर्स ने 2011-12 में सिरसा से राजस्थान के एक डीलर को फर्जी बिलों पर सिगरेट बेची। जो इनवाइस बिल दर्शाए, वे फर्म राजस्थान में खल-बिनौला बेचती है। ऐसे में फर्जी इनवाइस बिल व सी फॉर्म दिखाकर विभाग को करीब 24 लाख 78 हजार 775 रुपये का टैक्स रिफंड लेकर चपत लगाई है। विभाग ने दूसरी शिकायत अशोक कुमार निवासी सरस्वती कॉलोनी सिरसा के खिलाफ दी है। मेसर्स नानक चंद, अशोक कुमार सिरसा के खिलाफ आरोप है कि इस फर्म ने भी सिगरेट, टाइल्स के फर्जी बिल दिखाकर 2011-12 साल का 19 लाख 90 हजार 842 रुपये का टैक्स रिफंड प्राप्त किया है। फर्म का लेनदेन राजस्थान की किसी फर्म से था, लेकिन वो फर्म टैक्स फ्री वस्तुओं का लेनदेन करती थी। तीसरा मामला बसंत सिंह, निवासी चतरगढ़पट्टी व उसकी फर्म श्री त्रिपति ट्रेडर्स के खिलाफ दर्ज किया गया है। शिकायत के अनुसार इस फर्म ने 14 लाख 96 हजार 312 रुपये का टैक्स रिफंड करके सरकार को चूना लगाया है। चौथी शिकायत रमन कुमार की फर्म मेसर्स गिरिराज उद्योग सिरसा, जोकि अब विजय ट्रेडर्स के नाम पर है, ने राजस्थान में सिगरेट बेचने के फर्जी बिल पेश करके 24 लाख 65 हजार 494 रुपये का टैक्स रिफंड लिया है। पांचवीं शिकायत गोशाला रोड की फर्म मेसर्स हजारी लाल, श्याम सुंदर के खिलाफ 2011-12 में 19 लाख 89 हजार 350 रुपये का टैक्स रिफंड लिया है। टैक्स रिफंड के लिए फर्जी बिल पेश किए गए। छठी शिकायत में मंगत राम वासी सरस्वती कॉलोनी सिरसा की फर्म मेसर्स बालाजी इंटरप्राइजेज के खिलाफ 9 लाख 97 हजार 127 रुपये का टैक्स चोरी का मामला दर्ज किया है। फर्म ने भी राजस्थान की किसी फर्म से टैक्स फ्री वस्तुओं के फर्जी बिल पेश करके रिफंड लिया। सातवीं शिकायत में जितेंद्र मलिक वासी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी सिरसा की फर्म मेसर्स जितेंद्र ट्रेडिंग जनता भवन सिरसा के खिलाफ सिगरेट की खरीद में फर्जी दस्तावेज पेश करके वर्ष 2011-12 का 14 लाख 75 हजार 208 रुपये का टैक्स रिफंड लिया है। फर्म ने राजस्थान की टैक्स फ्री वस्तुओं का लेनदेन करने वाली फर्म से गलत लेनदेन के दस्तावेज पेश किए।
इधर, ओढां थाने में भी एक फर्म के खिलाफ मामला दर्ज
ओढां (संवाद)। सिरसा की एक फर्म के संचालक ने फर्जी बिल तैयार कर विभाग को काफी चूना लगा डाला। मामला सामने आने के बाद ईटीओ की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ ओढां थाने में विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।
पुलिस का कहना है कि मामले में गहनता से जांच की जाएगी कि आखिर फर्म संचालक ने किस वस्तु का कारोबार कर विभाग को चूना लगाया। सिरसा की आरके ट्रेडिंग नामक एक कंपनी ने वर्ष 2011-12 में ओढां की अनाज मंडी में बिजनेस किया था। इसमें फर्म संचालक ने टैक्स फ्री वस्तुओं के बिल तैयार कर आयकर विभाग से लाखों की राशि रिफंड करवा ली। मामले में जब जांच शुरू हुई तो सामने आया कि कंपनी के संचालक ने फर्जी बिल तैयार कर विभाग को 23 लाख 24 हजार 377 रुपये का चूना लगाया है। सूत्रों के मुताबिक फर्म संचालक द्वारा दस्तावेजों में ये दिखाया गया है कि उसने दिल्ली की एक फर्म से सिगरेट का व्यापार किया था, जबकि बताया ये जा रहा है कि व्यक्ति ने बिजनेस किसी अन्य वस्तु का किया था, जबकि जो वस्तु दिखाई, वह टैक्स फ्री थी। थाना प्रभारी कृष्ण कुमार ने बताया कि पुलिस ने ईटीओ सुरेंद्र गोदारा की शिकायत पर फर्म संचालक सिरसा निवासी राकेश बंसल के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है।
कोट्स
करीब 14 फर्मों के खिलाफ टैक्स चोरी के मामले दर्ज किए जा रहे हैं। सात फर्मों के खिलाफ मामले दर्ज हो चुके हैं, बाकी के खिलाफ केस करने की प्रक्रिया चल रही है।
-कैलाश चंद्र, थाना प्रभारी सिरसा।