ओढां। गांव घुकांवाली निवासी साधु 93 वर्षीय गोरा गुरमुख सिंह का शनिवार दोपहर को देहांत हो गया। उनका अंतिम संस्कार रविवार सुबह खाईशेरगढ़ रोड पर स्थित उनके डेरा परिसर में ही किया गया। इस अवसर पर विभिन्न डेरों के गद्दीनशीन एवं सेवादारों तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर उन्हें अंतिम विदाई दी।
साधु गोरा गुरमुख सिंह के भतीजे फतेह सिंह ने बताया कि उनके चाचा गोरा गुरमुख सिंह बचपन से ही धार्मिक प्रवृत्ति के थे। वे डेरा सच्चा सौदा सिरसा के प्रथम गद्दीनशीन संत साईं शाह मस्ताना महाराज से गुरु दीक्षा लेकर साधु बने और लंबे समय तक उनके साथ भी रहे। उन्होंने लंबे समय तक घुकांवाली के अनामी धाम आश्रम में रहकर सेवा की। जिसके बाद वर्ष 1990 के बाद उन्होंने अपने गांव घुकांवाली में खाईशेरगढ़ रोड पर खेत में डेरे की स्थापना की और वहीं रहकर राम नाम की भक्ति करने लगे। वे अविवाहित थे और उन्होंने जीवन भर ब्रह्मचर्य का पालन किया।
विज्ञापन
वे 6 भाई थे, जिनमें गोरा गुरमुख सिंह सबसे छोटे थे। उनके सभी पांचों भाइयों का देहांत हो चुका है। रविवार को उनके अंतिम संस्कार के अवसर पर खुशपुर धाम आश्रम गोरीवाला से बाबा चंद सिंह महाराज, कैथल डेरा के गद्दीनशीन बाबा मल सिंह महाराज सहित विभिन्न डेरों से काफी संख्या में लोग व श्रद्धालुओं के अलावा गांव से भी बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
उनका अंतिम संस्कार ‘धन-धन सतगुरु तेरा ही आसरा’ ‘मस्ताना शाह बिलोचिस्तानी तेरा ही आसरा’ ‘हाजर नाजर जिन्दाराम तेरा ही आसरा’ के नारों के साथ विनती का भजन बोलकर किया गया। उनको मुखाग्नि उनके भतीजे फतेह सिंह ने दी।