दूर-दराज बैठे एक ठग ने गांव खाईशेरगढ़ निवासी एक व्यक्ति के खाते से लाखों रुपये की राशि उड़ा ली। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। खाईशेरगढ़ निवासी सहीराम नामक व्यक्ति के पास एक कथित ठग का फोन आया जिसने अपना नाम गुरुग्राम से ओपी शर्मा बताया। सहीराम ने उसे पहचानने से इंकार किया तो ठग ने उसे कहा कि उसकी उससे पिछले कुछ समय से बात नहीं हुई। इसलिए वे उसे पहचान नहीं रहे। इस बात पर सहीराम ने कहा कि क्या वे उसके परिचित गुरुग्राम निवासी ओपी शर्मा बोल रहे हैं। जिस पर ठग ने हामी भर ली। जिसके बाद ठग ने अपना दाव खेलते हुए कहा कि उसने किसी व्यक्ति को पेमेंट ट्रांसफर करनी है इसलिए आपके खाते में राशि डलवा रहा हूं। बातों में आए सहीराम ने अपने पोते अरविंद को कहा कि वह पैसे ट्रांसफर कर दें। जिसके बाद ठग ने अरविंद के मोबाइल पर लिंक भेजा। अरविंद ने जैसे ही लिंक को फॉलो किया तो उसके खाते से प्रथम तौर पर 25 हजार रुपये की राशि कट गई। इसी तर्ज पर 3-4 बार पैसे कट गए। अरविंद ने ठग से पूछा कि वह एक बार अपने दादा से पूछ लेता है कि कितनी पेमेंट ट्रांसफर करनी है। जिसके बाद ठग ने अरविंद को फोन को कॉन्फ्रेंस पर लेकर उसके दादा की रिकॉर्डिंग सुना दी। जिसमें उसके दादा ने अरविंद को कहा कि उक्त व्यक्ति अपने परिचित हैं इसलिए वह पैसे ट्रांसफर कर दे। अरविंद ने बताया कि उसके एसबीआई और एचडीएफसी बैंक के खाते से 30 हजार रुपये और कट गए। इस प्रकार ठग ने शर्मा बनकर अरविंद को 1 लाख 16 हजार रुपये का चूना लगा दिया। अरविंद को जब तक इस ठग्गी का पता चला तब आनन-फानन में बैंक पहुंचकर जब स्टेटमेंट निकलवाई तो उक्त अकाउंट यूपी निवासी दानीश नामक व्यक्ति का पाया गया। जबकि मोबाइल सिम अलीगढ़ निवासी अरूण के नाम से था। अरविन्द ने बताया कि उक्त मोबाइल नंबर बंद आ रहा है। मामले की शिकायत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को दी गई। जिसके बाद ओढां पुलिस ने अरविन्द की शिकायत पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज जांच शुरू कर दी है।
इस संबंध में अरविंद की शिकायत पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस द्वारा समय-समय पर लोगों को जागरूक किया जाता है कि अज्ञात व्यक्तियों को अपने बैंक खातों की जानकारी न दें। दूसरे राज्यों में बैठे ठग लोगों को झांसे में लेकर ठग्गी का शिकार बना लेते हैं। इसलिए बेहतर यही है कि अनजान व्यक्ति को बैंक खाते की जानकारी या किसी लिंक को सांझा न करें। इसके अलावा एटीएम का इस्तेमाल करते समय भी किसी अज्ञात की सहायता न लें।
- राजकुमार, थाना प्रभारी ओढां।