सिरसा। पिक मणी कंपनी से लोन दिलवाने के नाम पर 30 से अधिक लोगों से धोखाधड़ी होने पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने अब मामला दर्ज किया है। वर्ष 2020 में ही कंपनी के संचालकों ने कार्यालय को बंद कर दिया था। लेकिन शिकायतों की हुई जांच के बाद मामला सही पाया गया तो अब पुलिस की ओर से कंपनी संचालक गौरव व अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस को दी शिकायत में मैना देवी ने बताया कि पिक मणी नाम की कंपनी से लोन लेने के लिए उन्होंने आवेदन किए थे। इसके लिए उन्होंने 1390 व 890 की किश्त जमा करवाई थी। राशि जमा होने के बाद उन्हें 25 हजार का लोन मिलना था। लोन लेने के लिए वह काफी समय तक उनके कार्यालय के चक्कर काटते रहे। लेकिन कोई परिणाम नहीं आया। जब वह लोन की राशि लेने के लिए जाते तो कंपनी संचालक उन्हें धमकी देते। इसके कुछ दिन बाद ही उन्होंने कार्यालय बंद कर दिया और वहां से लोगों की जमा की हुई राशि को लेकर फरार हो गए। उन्होंने बताया कि कलावती, महिंद्र कौर, मैना देवी, कौशल्या, राजनदीप, सरस्वती, सुनिता, सुमन, संजना, मंजू, पूनम, राजबाला, बिमला, सुखेश, विनोद, अक्षय, राजीव, अमरजीत कौर, सुखविंद्र कौर सुचान, सरस्वती गांव शेखुपुरिया, कौश्लया शेखुपुरिया, अक्षय गांव मम्मड खेड़ा व राजीव से धोखाधड़ी की गई है। हालांकि धोखाधड़ी का शिकार होने वाले लोगों की संख्या इससे और अधिक हो सकती है।
पिक मणी कंपनी के नाम से ही काटकर दी रसीद
वहीं शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपियों ने पिक मणी कंपनी के नाम से ही उन्हें रसीद काटकर दी है। लेकिन अब न तो उनका कोई कार्यालय है और न ही उनके बारे में उन्हें कोई जानकारी है। एसपी, डीएसपी और सीएम विंडो में शिकायत के देने के बाद इस मामले की जांच की गई तो मामला सही पाया गया। पीड़ितों की रसीदों की भी जांच की गई। जिसके बाद सिविल लाइन थाना पुलिस ने कंपनी संचालक गौरव कुमार सहित अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।