सिरसा। मानसून की पहली बारिश ने ही प्रशासन की ओर से की गई तैयारियों की पोल खोलकर रख दी। बारिश के बाद एक तरफ तो लोगों को गर्मी से राहत मिली। लेकिन दूसरी तरफ जलभराव ने लोगों की परेशानी को बढ़ा दिया। सिरसा में शुक्रवार को 4, कालांवाली में 20 और रोड़ी में 10 एमएम बारिश दर्ज की गई। वहीं कालांवाली में एक मकान पर बिजली गिरने के कारण उसकी छत गिर गई। इसके कारण मकान मालिक को काफी नुकसान भी हुआ है।
शुक्रवार को अलसुबह से ही मौसम में बदलाव होना शुरू हो गई। सिरसा शहर में हल्की बारिश हुई जबकि कालांवाली, रोड़ी, डबवाली, रानियां, गोरीवाला सहित अन्य कई क्षेत्रों में बारिश होने के कारण जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। गलियां, मुख्य बाजार सहित कॉलोनियों में जलभराव के कारण लोगों को दिनभर परेशानी का सामना करना पड़ा। कई स्थानों से सीवरेज भी ओवरफ्लो होते हुए नजर आए। बारिश के पानी की निकासी के लिए लोग अधिकारियों को फोन कर समस्या का समाधान करवाने की शिकायत देते रहे। लेकिन कई क्षेत्रों में शाम तक भी जलभराव की स्थिति बनी रही। वहीं बारिश के बाद बिजली के ट्रांसफार्मरों का भी लोड अभी कम हुआ है।
कालांवाली में बिजली गिरने के कारण गिरी मकान की छत
कालांवाली में रात को ही तेज आंधी के साथ बारिश आना शुरू हो गई। सुबह पांच बजे बलवंत सिंह किंगरा पुत्र जोगिंदर सिंह किंगरा के पशु शेड पर अचानक आसमानी बिजली गिर गई। जिसके कारण दो मकानों की छत गिर गई। हालांकि इसके कारण कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन मकान के अंदर रखा सामान व छत पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। ऐसे में पीड़ित परिवार ने प्रशासन से मुआवजा दिए जाने की मांग भी उठाई है।
इन स्थानों पर हुई इतनी बारिश
स्थान, एमएम
सिरसा, 04
पंजुआना, 04
डिंग, बूंदाबांदी
रोड़ी, 10
कालांवाली, 20
अबूबशहर , 16
गोलेवाला, 8
खुईयांमलकाना, 08
नहराणा, बूंदाबांदी
झंडा, बूंदाबांदी
तापमान में आई गिरावट, दिनभर बदलता रहा मौसम
जिले के कई क्षेत्रों में बारिश होने के कारण लोगों को गर्मी से काफी राहत मिली है। बारिश के कारण तापमान में अब गिरावट दर्ज की गई है। सिरसा में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 39 डिग्री व न्यूनतम तापमान 26 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं मौसम विशेषज्ञ अनुसार आने वाले दो दिनों में बारिश होने की संभावना जताई जा रही है।
किसानों को मिला सबसे अधिक लाभ, फसलों में पानी की कमी हुई पूरी
जिले के कई क्षेत्रों में बारिश होने से किसानों को इसका सबसे अधिक लाभ मिला है। बारिश के बाद अब किसानों ने धान की रोपाई का काम भी तेज कर दिया है। धान की रोपाई में अब किसानों को कम पानी का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। वहीं कपास, नरमा, मूंग व अन्य फसलों को अब किसानों को पानी देने की आवश्यकता नहीं है। वहीं किसानों का कहना है कि लंबे समय से वह बारिश का इंतजार कर रहे थे। ऐसे में अब बारिश होने से उनको राहत मिली है। सिंचाई के लिए उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
बारिश के बाद रानियां में धान की रोपाई करते मजदूर।- फोटो : Sirsa
रानियां में बारिश के बाद जलभराव होने के बाद गुजरती गाड़ी ।- फोटो : Sirsa