संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से शहर और गांवों में व्यापक स्तर पर फॉगिंग नहीं करवाई जा रही। इसके चलते डेंगू पीड़ितों का आंकड़ा प्रतिदिन बढ़ रहा है। शनिवार को जिले में पांच लोग डेंगू से पीड़ित मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में अब तक डेंगू के 168 मरीज मरीज मिल चुके हैं।
प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री ने डेंगू रोकने के लिए करवाई जा रही फॉगिंग और सैंपल जांच प्रक्रिया पर ही सवाल खड़े किए हैं। जिला स्तर से भेजे गए आंकड़े और डेंगू की मौजूदा स्थिति मेल नहीं खा रही है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में जहां 168 मरीज मिले हैं, जबकि ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में बड़े स्तर पर डेंगू के मरीज मिल रहे हैं। वहीं, फॉगिंग की स्थिति सही नहीं है।
डबवाली में फॉगिंग नहीं होने का मामला आम बैठक में सामने आ चुका है। नगर परिषद ने स्वास्थ्य विभाग से फॉगिंग मशीन उपलब्ध करवाने की मांग की थी। कालांवाली में भी नियमित रूप से फॉगिंग नहीं हो रही है। ऐसे ही हालात जिले भर में बने हुए हैं। अहम बात यह है कि पिछले एक माह से सिर्फ उन्हीं क्षेत्र में फॉगिंग करवाई जा रही है, जहां पर डेंगू के मरीज मिल रहे हैं।
55 टीमों पर कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल
जिले में स्वास्थ्य विभाग की 55 टीमों के साथ आशा वर्कर और प्राथमिक केंद्रों का स्वास्थ्य स्टाफ की भी ड्यूटी लगाई गई है। इसके बाद डेंगू के मरीजों में कोई कमी नहीं आई है। लारवा जांच के लिए बनाई गई इन टीमों ने आखिरकार किस प्रकार लोगों को जागरूक किया है। जिलेभर में अब तक डेंगू संभावित 1800 लोगों के सैंपल लिए जा चुके हैं, जबकि 152 मरीज इलाज के बाद ठीक होकर घर जा चुके हैं।
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मच्छरों का घनत्व पांच प्रतिशत से कम, ज्यादा प्रभावशाली नहीं
जिले में डेंगू से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से एंटोमोलॉजिस्ट टीम (कीट वैज्ञानिक) के साथ शहर में सर्वे भी किया जा चुका है। दो दिन के इस सर्वे में स्वास्थ्य टीम ने शहर के साथ साथ ग्रामीण इलाकों में भी मच्छरों के घनत्व (डेंसिटी) का जायजा लिया। जिसमें सामने आया कि जिस प्रकार के मच्छर आमजन को बीमार कर रहे हैं, वह ज्यादा प्रभावशाली नहीं है। मच्छरों में जो घनत्व पाया गया है, वह पांच प्रतिशत से कम आंकी गई है, जो ज्यादा खतरनाक नहीं होती है। अगर यह घनत्व पांच से ज्यादा पाया जाता है तो बेहद चिंताजनक हो सकता है। टीम की ओर से शहर के कलस्टर इलाकों के साथ जिन क्षेत्रों में डेंगू के ज्यादा मामले पाए जा रहे हैं उन इलाकों में जांच की गई थी।
दो वार्ड बनाकर 10 बेड किए आरक्षित
स्वास्थ्य विभाग की और से नागरिक अस्पताल की दूसरी मंजिल पर डेंगू के मरीजों के उपचार के लिए दो वार्ड बनाए गए हैंं। इनमें 10 बैड आरक्षित किए गए हैं। चार बेड मच्छरदानी लगाकर कवर किए गए हैं। जिले में कुल 60 बेड डेंगू के मरीजों के उपचार के लिए रखे गए है। यह जिला अस्पताल सहित जिले में पीएचसी और सीएचसी में है।
कोट्स
एंटोमोलोजिस्ट टीम की ओर से जिले में कई स्थानों पर जांच की गई है जांच के बाद मच्छरों का घनत्व 5 से कम पाया गया है जो खतरे से बाहर है। फिर भी जिन इलाकों में डेंगू के मरीज पाए गए हैं उन स्थानों पर फॉगिंग और लारवा को लेकर जांच की जा रही है। -डाॅ. गौरव अरोड़ा, जिला मलेरिया रोकथाम अधिकारी, नागरिक अस्पताल सिरसा।