बाढ़ बचाव कार्यों को लेकर शनिवार को उपायुक्त शरणदीप कौर बराड़ ने संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से कहा कि वे अपने विभाग से संबंधित सभी तैयारियां पूर्ण रखें तथा बाढ़ के समय घंटे-घंटे की रिपोर्ट प्रशासन व वित्तायुक्त राजस्व विभाग को भेजें। उन्होंने कहा कि ओटू वीयर में पानी की क्षमता से अधिक पानी आने से साइफन पर पानी का दबाव पड़ने से सिरसा जिले के तटबंध टूटने का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इसके पुख्ता प्रबंध करें।
उपायुक्त ने कहा कि हरियाणा के 14 जिले हैं जो बाढ़ प्रभावित होते हैं, उनमें से सिरसा जिला भी एक है। उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से कहा कि वे अपने-अपने विभाग से संबंधित पंप, बलियां व अन्य चीजों का पूरा प्रबंध रखें और जिन गांवों में संभावित बाढ़ का खतरा होता है उन गांवों में पहले से ही संबंधित सामान रखवा दें। उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारी से कहा कि वे अपने विभाग की तैयारियों बारे संबंधित एसडीएम को अपने साथ ले जा कर दिखाएं और संबंधित एसडीएम इसकी मॉनीटरिंग करें।
उन्होनें सिंचाई विभाग के अधिकारी को निर्देश दिए कि वे जेसीबी मशीन का उचित प्रबंध रखें तथा गांवों में टे्रक्टर, ट्रालियों आदि का उचित प्रबंध रखें। जिस गांव में पानी भरने की संभावना हो, उस गांव के लोगों को पहले से ही अवगत करवाएं। बैठक में एसडीएम ऐलनाबाद प्रदीप दहिया, एसडीएम सिरसा परमजीत सिंह चहल, डीएसपी विजय कुमार, कार्यकारी अभियंता जनस्वास्थ्य विभाग संदीप पूनियां, जिला विकास एवं पंचातय अधिकारी प्रीतपाल सिंह, उप निदेशक कृषि बाबूलाल, खण्ड विकास एवं पंचायत अधिकारी बलराज सिंह, श्री सुनेहरा सिंह, सचिव रेडक्रॉस प्रद्युम्न सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।