बाढड़ा। जिला उपायुक्त ने गांव के विकास कार्यों में सहयोग न करने पर गांव रुदड़ौल पंचायत के पांच पंचों को सीईओ जिला परिषद की जांच के बाद पदमुक्त कर दिया है। इतना ही नहीं इन पर पांच साल तक चुनाव लड़ने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। झोझूकलां बीडीपीओ व मुख्य कार्यकारी अधिकारी कार्यालय की जांच के बाद यह अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई गई है।
जिला उपायुक्त मनदीप कौर ने 10 जून को अपने कार्यालय से जारी आदेश में बताया कि खंड झोझूकलां के गांव रुदड़ौल की ग्राम पंचायत के पांच वार्ड सदस्य विकास योजनाओं में कोई रुचि या सहयोग नहीं कर रहे हैं। सरपंच मोनिका जांगड़ा की अपील पर जांच की तो पाया कि सभी पंच ग्राम सभा की बैठकों से अनुपस्थित रहे हैं और विकास योजनाओं में सहयोग नहीं कर रहे हैं। इससे गांव के विकास कार्यों में बाधा पहुंच रही है।
गांव महिला सरपंच की शिकायत पर इन पंचों को बार-बार नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया। इनसे संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उपायुक्त ने 10 दिसंबर के मामले की अंतिम सुनवाई करते हुए ग्राम पंचायत के वार्ड एक से पंच रेणू देवी, वार्ड दो से रोशनलाल, वार्ड तीन से प्रियंका शर्मा, वार्ड आठ से वेदपाल सिंह, वार्ड नौ से राजवंती देवी को पद मुक्त करते हुए पांच वर्ष तक चुनाव लड़ने पर भी रोक लगा दी है। जिला उपायुक्त कार्यालय ने आदेश की एक-एक प्रति विकास एवं पंचायत के महानिदेशक, बीडीपीओ झोझूकलां व सभी निलंबित पंचों को भेज दी है।
गांव रुदड़ौल की महिला सरपंच मोनिका जांगड़ा ने कहा कि निर्वाचन के बाद ही पंचों का विकास कार्यों में सहयोग नहीं मिल रहा था। इससे विकास योजनाएं पूरी तरह से बाधित रही। इसकी शिकायत उपायुक्त से गई थी।