जिले में शनिवार को सीजन की पहली धुंध छाई। इसके जीवन प्रभावित हुई। सुबह घना कोहरा आसमान में छाने से शहर में दृश्यता पांच मीटर के आसपास रही, जबकि ग्रामीण क्षेत्र में दृश्यता पांच मीटर से भी कम रही। इसके चलते वाहनों की रफ्तार थम सी गई। धुंध के चलते रेल सेवा भी प्रभावित हुई। गोरखधाम एक्सप्रेस डेढ़ घंटे की देरी और रेवाडी फाजिल्का करीब आधा घंटे देरी से पहुंची।
सुबह नौ बजे तक धुंध छाई रहने के कारण कामकाजी लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। दस बजे के बाद धूप निकलने पर धुंध छंट गई। वहीं, रोडवेज के अधिकारियों के अनुसार यदि धुंध इसी प्रकार रहती है तो यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाने में देरी हो सकती है। शनिवार को सिरसा का अधिकतम तापमान 20 डिग्री और न्यूनतम 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग की मानें तो पश्चिमी विक्षोभ के असर के चलते हुई बादलवाही के कारण कोहरा छाया है। उत्तर से आ रही शीत हवाओं की रफ्तार कुछ कम हुई है। हवा कम होने के बाद धुंध छानी शुरू हुई है। 24 दिसंबर से न्यूनतम तापमान 7 डिग्री से नीचे से नीचे जा सकता है। इससे साफ है कि आने वाले दिनों में ठंड का प्रकोप और बढ़ेगा। लोग ठंड से बचने के लिए आलाव का सहारा ले रहे हैं। उप निदेशक कृषि विभाग डॉ. सुखदेव सिंह के अनुसार धुंध और ठंड गेहूं और सरसों की फसल के लिए लाभदायक है।
ये ट्रेन रहीं प्रभावित
गोरखधाम एक्सप्रेस सुबह 10:40 बजे पर पहुंचती है, लेकिन धुंध के चलते यह गाड़ी 12 बजकर 3 मिनट पर सिरसा पहुंची। रेवाड़ी फाजिल्का ट्रेन सुबह 9 बजकर 50 मिनट सिरसा पहुंचती है। धुंध के चलते 24 मिनट की देरी से पहुंची।