सिरसा। गांव फूलकां में लोन की राशि नहीं भरने के कारण फाइनेंस कंपनी की ओर से मजदूर अमर सिंह के घर की गई तालाबंदी को मंगलवार को राष्ट्रीय किसान मंच के अध्यक्ष प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा की अध्यक्षता में तोड़ कर मजदूर परिवार को घर वापसी करवाई गई।
राष्ट्रीय किसान मंच अध्यक्ष प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा ने बताया कि गांव फूलकां निवासी अमर सिंह मजदूर फूलकां ने 7,91000 रुपये लोन लिया था। इसकी निरंतर किस्तें भी भरता रहा है। अमर सिंह की गाड़ी जो किराए पर चलाकर वह घर चलाता है और बैंक की किस्त भरता है वह गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई।
प्रहलाद सिंह ने बताया कि हादसे में अमर सिंह को गंभीर चोटें लगीं। उसके इलाज पर काफी पैसा लगा और काम बंद हो गया। इस कारण वह 3 किस्तें नहीं भर सका। कंपनी ने उसके हालात को नजरअंदाज कर 13 मार्च 2026 को परिवार को घर से बाहर निकाल कर घर के मुख्य गेट पर ताला लगा दिया।
मजदूर ने समस्या बाबत राष्ट्रीय किसान मंच के अध्यक्ष प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा से संपर्क किया। प्रहलाद सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान एकत्रित हुए और अमर सिंह के घर के मेन गेट का ताला तोड़ कर परिजनों को गृह प्रवेश करवाया।
प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा ने कहा कि बैंकों और कंपनियों की गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं होगी। किसी की मजबूरी का कंपनी को फायदा नहीं उठाने देंगे। भारूखेड़ा ने कहा कि अंग्रेजों के समय सर छोटू राम ने कानून बनवा दिया था कि किसान-मजदूर के कर्जा के कारण घर, बैल, खेती में प्रयोग होने वाले औजार और 6 महीने का अनाज नीलाम नहीं हो सकता। आजादी के बाद किसानों, मजदूरों की जमीन, घर सब नीलम किये जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्राइवेट बैंक मनमानी करते हैं। 15 प्रतिशत की जगह 21 प्रतिशत तक ब्याज वसूलते हैं। दूसरी तरफ बड़े पूंजीपतियोें के करोड़ों रुपये माफ किये जा रहे हैं जोकि सरासर मेहनत करने वालों के साथ अन्याय है।
इस मौके पर गुरनाम सिंह पक्कां, पवन जोधपुरिया, आजाद सिंह जाखड़, विकास कुसुंभी, रणधीर ताजिया, जंटा सिंह कमाल, जसपाल अलीकां, विनोद फूलकां, तुलसी राम, रोहताश सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित थे।