ओढ़ां। क्षेत्र में इन दिनों बुखार, प्लेटलेट्स कम होने व डेंगू के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। गांव जंडवाला जटान में स्थिति बेहद खराब है। यहां पर घर-घर में बुखार, प्लेटलेट्स कम होने व डेंगू संभावित लोग हैं। गांव के कुछ लोग अस्पतालों में तो कुछ घरों के रहकर इलाज करवा रहे हैं।
गांव में 4 दिन पूर्व डेंगू संभावित 46 वर्षीय एक व्यक्ति की हुई मौत से ग्रामीण चिंतित हैं। उक्त परिवार के 4 सदस्य बुखार से पीड़ित हैं , एक महिला बठिंडा अस्पताल में उपचाराधीन है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई ध्यान न दिए जाने के चलते ग्रामीणों में रोष है। पूर्व सरपंच बीरवंत सिंह, सुखदेव सिंह, कुलदीप सिंह, मंदीप सिंह व मलकीत सिंह आदि ने बताया कि उनके गांव में 200 से ज्यादा लोग बुखार व प्लेटलेट्स कम होने के साथ-साथ डेंगू संभावित हैं। विभाग की ओर से अभी तक गांव में सर्वे या अन्य कोई कदम नहीं उठाए नहीं गए हैं।
गांव स्थित हेल्थ वेलनेस सेंटर इंचार्ज एएनएम सुखजीत कौर का तर्क है कि वह अपने स्तर पर गांव में सर्वे करती है। गांव में बुखार पीड़ित लोगों के संदर्भ रिपोर्ट सीएचसी ओढ़ां में दे रखी है।
ग्रामीण सौदागर सिंह के घर में 6 सदस्य हैं,जिनमें से 4 को बुखार व प्लेटलेट्स कम होने के बाद डेंगू संभावित होने के चलते अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। वहीं , पोला सिंह के घर में 3 में से 2 सदस्य पीडि़त हैं तो वहीं मलकीत सिंह के घर के सभी 6 सदस्य पीडि़त हैं। इनमें से 1 सदस्य पिछले करीब 6 दिनों से अस्पताल में उपचाराधीन है। जगवीर सिंह, दुकानदार बलकरण सिंह आदि ग्रामीणों ने बताया कि उनके घर में सदस्यों को बुखार छोड़ ही नहीं रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पंचायत की ओर औपचारिकता के तौर पर फॉगिंग करवाई गई। ग्रामीणों ने विभाग के खिलाफ रोष व्यक्त करते हुए कहा कि उनके गांव में स्पेशल टीम भेजकर सर्वे करवाया जाए व उचित कदम उठाए जाएं।
हमने गांव में फॉगिंग करवा रखी है। हेल्थ वेलनेस सेंटर के कर्मचारी से रिपोर्ट लेकर और उचित कदम उठाए जाएंगे। जरूरत पड़ी तो सर्वे भी करवाएंगे। लोगों से अपील है कि साफ-सफाई का ध्यान रखें, घरों के आसपास पानी खड़ा न रहने दें। बुखार होने पर अनदेखा न करें व सावधानी बरतें।
जितेन्द्र कुमार, हेल्थ इंस्पेक्टर (सीएचसी ओढ़ां)
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कर्मचारियों से पूरी रिपोर्ट लेंगे। गांव में सर्वे के लिए कहा जाएगा। कर्मचारियों को भेजकर उचित कदम उठाने के लिए कहा जाएगा। बुखार होने पर पीड़ित स्वास्थ्य केंद्र में आकर उपचार करवाएं। हमारे पास पर्याप्त व्यवस्था है। हमने गांव में 2 बार दवा भी डलवा दी। विभाग की कर्मचारी 2-3 बार गांव में सर्वे भी कर चुकी है। स्थिति अधिक खराब है तो फिर से सर्वे करवाया जाएगा और जानकारी लेकर उचित कदम उठाए जाएंगे।
डॉ. सुमित जैन, एसएमओ (सीएचसी ओढ़ां)