सिरसा। गांव रूपावास में शुक्रवार रात सांवरा (23) हत्याकांड से तनातनी का माहौल है। बेटे को खोने के गम में पिता बार-बार बेसुध हो जा रहे थे। मृतक युवक के पिता रामेश्वर ने बताया कि आरोपियों से बेटे को छोड़ने की गुहार लगाई। इस पर आरोपियों के परिवार के सदस्यों ने कहा कि इसने हमारी इज्जत मिट्टी में मिला दी, इसे नहीं छोड़ेंगे। वहीं, शाम को गमगीन माहौल में सांवरा का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
शनिवार शाम सांवरा का शव गांव में आते परिवार के सदस्यों में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर आक्रोश फैल गया। आरोप लगाया कि वारदात में 10 से 15 लोग शामिल थे, लेकिन पुलिस ने 8 लोगों पर ही केस दर्ज किया है। मृतक के भाई महेंद्र ने सभी आरोपियों को नामजद कर गिरफ्तार करने की पुलिस से मांग की है।
पिता रामेश्वर ने बताया कि उन्होंने आरोपियों से बेटे को छोड़ने की बार-बार गुहार लगाई, लेकिन उन्होंने जरा भी दया नहीं दिखाई और कहते रहे कि इसने हमारी इज्जत मिट्टी में मिला दी, इसे छोड़ेंगे नहीं।
उन्होंने बताया कि रात साढ़े सात बजे वह अपने पुत्र सांवरा व बहू के साथ बाइक पर सवार होकर गांव पहुंचा। घर के पास ही पड़ोसी रोहताश सहित 10-15 लोगों ने उनका रास्ता रोक लिया। इसके बाद वे सांवरा को जबरन उठाकर अपने घर पर ले गए और उसे चारपाई से बांध दिया। इसके बाद डंडों से पीट-पीटकर मार डाला।
दोनों परिवारों के बीच हो गया था राजीनामा
ग्रामीणों का कहना है कि सांवरा भी ढाई महीने पहले गांव की एक लड़की को भगाकर ले गया था। कुछ दिन बाद लड़की लौट आई। इसके बाद दोनों परिवारों में राजीनामा हो गया। सांवरा कई बार पिस्तौल के साथ व्हाट्सएप पर अपनी फोटो भी अपलोड करता था। ग्रामीणों ने उसे ऐसा न करने के लिए समझाया था। इसके बाद उसका चचेरा भाई ईश्वर लड़की को भगा ले गया।
जमाल चौकी में हुई थी पंचायत
महेंद्र ने बताया कि इस मामले में शुक्रवार शाम जमाल चौकी में सरपंच उदयपाल ने पंचायत बुलाई थी। इसमें लड़की का पिता व रिश्तेदार मौजूद थे। सांवरा भी पिता रामेश्वर व भाभी के साथ पंचायत में गया था। इस दौरान सरपंच ने रामेश्वर से कहा कि अब तुम लोग गांव में रह सकते हो, डरने की कोई बात नहीं।
ग्रामीणों ने परिवार को गांव छोड़कर जाने को कहा
भाई महेंद्र ने बताया कि सांवरा का कोई कसूर नहीं था। उसका चचेरा भाई ईश्वर उनके पड़ोस की एक लड़की को डेढ़ माह पहले भगाकर ले गया था। इस मामले में गांव में पंचायत भी हुई। पंचायत में सरपंच उदयपाल सहित अन्य ग्रामीणों ने उनके परिवार को गांव छोड़कर जाने को कहा। इसके बाद सांवरा और उसके पिता रामेश्वर गांव बकरियांवाली में रिश्तेदार के घर रहने लगे। महेंद्र ने बताया कि वह भी अपनी पत्नी के साथ रिश्तेदारों के पास चला गया। ईश्वर भी लड़की के साथ गांव ढूकड़ा में सहमति संबंध में रहने लगा।
पुलिस ने लड़की के पिता सहित 8 लोगों पर अभियोग दर्ज कर लिया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की पांच टीमें गठित की गई है। जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। शाम को परिजनों ने मृतक का अंतिम संस्कार कर दिया। मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। हत्या में जो भी शामिल पाया गया, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - संजीव कुमार,डीएसपी ऐलनाबाद ।
जानकारी देता पिता रामेश्वर।