किसानों ने बिजली मंत्री को काले झंडे दिखाने का किया प्रयास
कृषि कानूनों के विरोध में पांच घंटे तक की नारेबाजी, पुलिस ने रणजीत सिंह का किया रूट डायवर्ट
फोटो, आठ, नौ, दस
अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा/रानियां। प्रदेश के बिजली मंत्री चौ रणजीत सिंह ने शनिवार को रानियां हल्के में विकास कार्यों को लेकर अधिकारियों व कार्यकर्ताओं की मीटिंग को संबोधित किया। लेकिन इससे पहले तीन कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों ने उन्हें काले झंडे दिखाने का फैसला लिया था। हालांकि पुलिस ने अंतिम समय में बिजली मंत्री का रूट डायवर्ट कर दिया। जिस कारण किसान उन्हें काले झंडे नहीं दिखा सकें, लेकिन किसानों ने बिजली मंत्री के खिलाफ पैलेस के बाहर पांच घंटे नारेबाजी की।
बता दें कि शनिवार को बिजली मंत्री ने रानियां क्षेत्र में कार्यकर्ता मीटिंग व विकास कार्यों की समीक्षा बैठक लेनी थी। बिजली मंत्री के कार्यक्रम की सूचना मिलने पर कृषि कानून के विरोध में किसान पैलेस के नजदीक गोबिंद पुरा गांव में इकट्ठे हो गए। किसान नेताओं को समझाने के लिए पुलिस ने कई प्रयास किए। मगर किसान उन्हें काले झंडे दिखाने के लिए अड़े रहे। किसान नेता गुरनाम सिंह झब्बर, बूटा सिंह थिंद, जरनेल बराड़ और प्रहलाद सिंह भारूखेडा ने कहा कि वे काले झंडे दिखाएंगे। ऐसे में प्रदर्शनकारी किसान संगठन सदस्यों को पुलिस फोर्स ने पूरी तरह से घेरे में बांधे रखा।
वहीं कार्यक्रम के दौरान संबोधित करते हुए ऊर्जा मंत्री चौ रणजीत सिंह ने किसानों द्वारा किए जा रहे धरना प्रदर्शन बारे कहा कि विरोध पार्टियों के नेता किसानों को गुमराह कर रहे हैं। जबकि तीनों कृषि बिल केंद्र सरकार द्वारा किसानों के हित को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं। बिजली मंत्री ने कहा कि किसानों के हित उनके लिए सर्वोपरि है और किसानों की समस्याओं का समाधान करवाना उनकी जिम्मेदारी है।
पुलिस ने सुल्तानपुरिया गांव से रानियां अनाज मंडी में करवाया दाखिल
किसानों के न मानने पर पुलिस व प्रशासन ने बड़ी चतुराई से काम लिया। अधिकारियों ने सिरसा रानियां रूट पर उपायुक्त व एसपी का काफिला निकाला। ताकि किसानों को लगे कि बिजली मंत्री भी इसी रूट से आएंगे। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने ओटू से वाया सुल्तानपुरिया से रानियां की अनाज मंडी के रास्ते से गाबा पैलेस में दाखिल करवाया। मंत्री के रूट डायवर्ट करके गाबा पैलस में पहुंचने पर किसानों में रोष फैल गया। किसान गाबा पैलेस की ओर चल दिए। पुलिस ने पैलेस के बाहर बैरिकेड्स लगाकर उन्हें रोक दिया। किसानों ने शाम पांच बजे तक पैलेस के बाहर ही नारेबाजी की। इसके बाद उसी रास्ते से बिजली मंत्री को निकाला गया। शनिवार को पुलिस प्रशासन ने मंत्री का रूट डायवर्ट कर कार्यक्रम स्थल तक पहुंचाया गया। किसान नेता प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा, गुरनाम सिंह झब्बर, बूटा सिंह थिंद, जरनेल सिंह बराड़ा, प्रकाश ममेरा ने कहा कि किसानों के विरोध के चलते ही बिजली मंत्री को रूट डायवर्ट करके रानियां में आना पड़ा। उनका विरोध आगे भी जारी रहेगा।