सिरसा। चौटाला गांव के किसानों ने सोमवार को आसाखेड़ा नहर की री-लाइनिंग में भ्रष्टाचार के आरोप लगा धरना दे दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान मौके पर पहुंचे नहरी विभाग के दो जेई को किसानों ने बंधक बना लिया। किसानों ने आरोप लगाया कि नहरी विभाग और ठेकेदार की मिलीभगत से री-लाइनिंग के कार्य में अनियमितता बरती जा रही है। पेड़ों की जड़ों पर नहर बनाई जा रही है। एक सप्ताह पहले बनी नहर में दरारें नजर आने लगी हैं।
किसानों ने आरोप लगाया कि निम्न स्तरीय निर्माण सामग्री का प्रयोग हो रहा है। किसानों ने उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि जांच कमेटी गठित की जाए, जिसमें किसानों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उच्चाधिकारी मौके पर आकर उनकी समस्या सुने, तभी वे जेई को छोड़ेंगे। धरने पर राकेश कुमार, सोहन लाल पचार, प्रहलाद सिहाग, रामप्रताप पचार, विनोद घिंटाला, साधुराम सहारण, अरविंद सिहाग, बृजपाल पचार, विनोद सिहाग, प्रभु शर्मा, सुधीर खीचड़, कुलदीप गोदारा, हनुमान खीचड़, संदीप खीचड़, प्रभु गोदारा, सुखपाल सिंह, मदन खीचड़, राजकुमार जाखड़, दया राम उलाणिया, कुलदीप चहल, मुखराम लोहमरोड़ आदि मौजूद थे।
री-लाइनिंग में खर्च होंगे साढ़े तीन करोड़ रुपये
किसानों ने कहा कि करीब चार दशक बाद नहर की री-लाइनिंग हो रही है। इस पर करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये खर्च होंगे। सीएम घोषणा से यह कार्य हो रहा है। इसके बावजूद अनियमितता होना बड़ा सवाल है।
हिसार की कंपनी कर रही है निर्माण
आसाखेड़ा नहर की री-लाइनिंग का कार्य हिसार की कंपनी बालाजी कंस्ट्रक्शन कर रही है। कंपनी संचालक रोहताश कुमार तथा रविंद्र कुमार का कहना है कि वे एग्रीमेंट के मुताबिक काम कर रहे हैं। किसानों का कहना है अब तक जितना निर्माण कार्य हुआ है, सारे कार्य की जांच होनी चाहिए। किसानों का कहना है कि नहर के दोनों ओर पांच-पांच फीट का रास्ता है। ठेकेदार उसका निर्माण भी करे।