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किसानों ने अचानक बदली प्रदर्शन की रणनीति, देखती रह गई पुलिस

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किसानों से बातचीत करते अधिक्षण अभियंता चंद्रशेखर जाखड़। - फोटो : Sirsa
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सिरसा। गांव मोरीवाला में बिजली चोरी की आड़ में जबरन घर में घुसने की घटना के विरोध में किसानों ने प्रदर्शन की योजना बनाई। प्रदर्शन की सूचना पर पुलिस तैनात कर दी गई लेकिन किसानों ने अचानक रणनीति बदल दी और उपमंडल कार्यालय के स्थान पर निगम कार्यालय पहुंचकर घेराव कर दिया। सूचना मिलने पर आनन-फानन में पुलिस पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में किया।
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हुआ यूं कि किसानों ने योजना बनाई कि छापा मारने के विरोध में टिब्बे पर स्थित निगम के उपमंडल कार्यालय में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इसकी सूचना पर जिला प्रशासन अलर्ट हो गया और भारी पुलिस बल तैनात कर दिया। लेकिन किसान दोपहर 12 बजे तक भी नहीं पहुंचे। किसानों ने अचानक रणनीति बदल दी और बरनाला रोड स्थित एसई ऑफिस पहुंचकर कार्यालय का घेराव कर वहां रोष प्रदर्शन किया। इसकी सूचना मिलने पर आनन-फानन में पुलिस बल को एसई ऑफिस भेजा गया। पुलिस ने वहां पहुंचकर स्थिति संभाली।
प्रदर्शनकारियों ने लगाए आरोप, कार्रवाई की मांग
प्रदर्शनकारी किसानों ने बिजली निगम पर आरोप लगाते हुए कहा कि कर्मचारी जबरदस्ती किसान सुखविंद्र सिंह के घर घुसे हैं 70 हजार का जुर्माना बिना किसी कारण के लगाया गया है। किसानों ने जुर्माने को माफ करने की मांग की। किसानों ने निगम पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कर्मचारियों ने किसानों से रिश्वत मांगने का काम किया है। जब तक किसान आंदोलन चल रहा तब तक किसी भी किसान के घर बिजली निगम के कर्मचारी को नहीं घुसने दिया जाएगा। बातचीत में एससी ने किसानों से कहा कि अगर किसी कर्मचारी ने रिश्वत मांगी है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। 10 के दिन के अंदर निगम के कर्मचारियों पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
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जानिये...क्या है मामला
12 सितंबर को बिजली निगम के कर्मचारी ने मोरीवाला के किसान सुखविंद्र सिंह के घर पर कार्रवाई करते हुए बिजली चोरी का केस बनाते हुए 70 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। जिस पर किसान नेता ने बिजली निगम पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि घर पर कोई भी मौजूद नहीं था सिर्फ उसकी बेटी मौजूद थी। करीब 1 से 2 बजे के करीब कर्मचारी बेटी के मना करने पर भी घर के अंदर घुस जाते हैं और घर के हर कोने की तस्वीर लेने लगते हैं। इसी दौरान कर्मचारी मीटर में गड़बड़ी बताते हुए 70 हजार रुपये का जुर्माना करके पर्चा दे जाते हैं। वहीं किसान ने निगम पर आरोप लगाते हुए कहा कि इस मामले के बारे में जब लाइनमैन को बताया तो उसने 30 हजार रुपये में मामला रफा दफा करवाने की बात कही।
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निगम द्वारा उपभोक्ताओं को बिजली की उचित सुविधा देने के लिए सर्च अभियान चलाया जा रहा है। अगर किसी के साथ गलत हुआ है तो इस पर कार्रवाई करवाई जाएगी।
-चंद्रशेखर जाखड़, अधीक्षण अभियंता, बिजली निगम सिरसा।

बिजली निगम में प्रदर्शन करते किसान।- फोटो : Sirsa

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