लघु सचिवालय में किसानों का धरना जारी, आज फूंकेंगे प्रधानमंत्री का पुतला
सिरसा। खराब हुई फसल का मुआवजा, सिंचाई पानी का समय बढ़ाने, ट्यूबवेल कनेक्शन जारी करने की मांग को लेकर किसानों ने पक्का मोर्चा लगा दिया है। रविवार को किसानों ने धरनास्थल पर नारेबाजी कर रोष जताया। अब सोमवार को धरनास्थल पर विश्वासघात दिवस मनाया जाएगा। किसानों की ओर से प्रधानमंत्री का पुतला भी फूंका जाएगा।
धरने पर किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर पहुंच रहे हैं। किसानों का कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगें नहीं मान लेती, तब तक उनका यह पक्का मोर्चा यहां से नहीं हटेगा। सोमवार को लघु सचिवालय पर किसानों द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंकेंगे। पक्का मोर्चा पर मौजूद किसानों का कहना है कि जो किसान यहां पर पहुंच रहे हैं, वे यहीं पर मांगे नहीं माने जाने तक वापस अपने घर नहीं लौटेंगे। किसानों के लिए पक्का मोर्चा पर ही लंगर की व्यवस्था की गई है। भीषण सर्दी के बावजूद किसान रात को भी धरनास्थल पर ठहरे। धरनास्थल पर आसपास के गांवों के करीब 300 किसान मौजूद रहे। इस दौरान किसान नेता प्रहलाद भारूखेड़ा, लक्खा सिंह, बलवंत सिंह, सतपाल सिंह, गुरनाम सिंह, जग्गा सिंह, राम सिंह, जसपाल सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
ये हैं किसानों की मुख्य मांगें
-गुलाबी सूंडी से खराब हुई नरमा की फसल का मुआवजा दिया जाए व बीते वर्षों की बीमा क्लेम राशि दी जाए।
-नहरें 15 दिन तक चलाई जाए।
-जिन लोगों की बुढ़ापा पेंशन बंद की गई है उसे दोबारा बहाल किया जाए।
-किसानों के ट्यूबवेल कनेक्शन जारी किए जाएं।
-सोलर पंप के लिए पक्के खाल बनाने व फव्वारा सिस्टम की शर्तों को हटाया जाए।
-किसानों को पर्याप्त यूरिया खाद उपलब्ध करवाई जाए।
-बंद पड़े शैक्षणिक संस्थानों को खोला जाए व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और पीटीआई अध्यापकों की मांगों को पूरा किया जाए।