सिरसा। जिले के 60 गांवों में नहरी पानी पहुंचाने और ट्यूबवेल कनेक्शन की शर्तें हटाने की मांग को लेकर किसानों ने मंगलवार को सिंचाई विभाग कार्यालय का करीब तीन घंटे घेराव रखा। इस दौरान जब कोई अधिकारी उनकी बात सुनने मौके पर पहुंचा तो किसानों ने रोड जाम की चेतावनी दी। इसके बाद बिजली निगम, कृषि विभाग, जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग और सिंचाई विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। तीन घंटे बाद अधिकारियों को ज्ञापन सौंप किसान धरने से उठे। हालांकि सुरक्षा के एहतियातन पुलिस बल तैनात रहा।
हरियाणा किसान मंच संगठन के बैनर तले मंगलवार को 110 गांवों के किसान धरना-प्रदर्शन में शामिल हुए। धरने की अध्यक्षता हरियाणा किसान मंच के नेता प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा ने की। किसान नेताओं ने कहा कि उनके आसपास के 60 से अधिक गांवों का जमीनी पानी पीने योग्य नहीं है। नहरों का पानी ही जलघरों में पहुंचता है और गांव में पेयजल सप्लाई होती है। उन्होंने बताया कि नहर में पानी सिर्फ सात दिन आता है, जिस कारण जलघरों के टैंक नहीं भर पाते। एक सप्ताह में जलघरों में जमा होने वाला पानी कुछ दिन ही चल पाता है। इसके बाद उन्हें मजबूरन टैंकर मंगवाने पड़ते हैं। वहीं किसानों ने ट्यूबवेल कनेक्शन को लेकर सरकार द्वारा रखी गई शर्तों को हटाने की बात कही।
किसान नेता बाबा गुरदीप सिंह ने कहा कि सरकार की ओर से बिजली के कनेक्शन जारी किए गए हैं और मोटरों की खरीद संबंधित कई तरह की शर्तें रखी हैं। कई गांवों के किसानों के फसलों के खराब होने के बाद उनको मुआवजा नहीं जारी हुआ।
कृषि, सिंचाई और बिजली निगम के अधिकारियों ने दिया आश्वासन
किसानों द्वारा रोड जाम करने की चेतावनी के बाद कृषि उपनिदेशक बाबूलाल, सिंचाई विभाग एसई एआर भांभू, बिजली निगम के कार्यकारी अभियंता गुलशन वधवा, जन स्वास्थ्य एंव अभियांत्रिकी विभाग के विकास सरोवा किसानों की समस्या सुनने मौके पर पहुंचे। किसानों ने कई गांवों में बीमा क्लेम न मिलने की जानकारी दी तो कृषि उपनिदेशक ने एजेंटों को बुला कारण पूछने का आश्वासन दिया। वहीं किसानों ने ट्यूबवेल कनेक्शन को लेकर सरकार द्वारा रखी गई शर्तों को हटाने की बात कही तो कार्यकारी अभियंता गुलशन वधवा ने सभी किसानों को एप्लीकेशन लिख मंत्री को देने की बात कही। वहीं, सिंचाई विभाग के एसई आत्माराम भांभू ने कहा कि नहरों में पानी छोड़ने के दिनों को बढ़ाने के लिए अधिकारियों से बातचीत चल रही है। जल्द ही समस्या का समाधान करवाया जाएगा। उधर, जन स्वास्थ्य एंव अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों ने उनकी समस्या का जल्द ही समाधान करने का आश्वासन दिया।
जमीनी पानी खारा, नहरी ही सहारा
जिले के अधिक क्षेत्रों में खारा पानी होने के कारण लोगों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। गांव झिड़ी, बप्पा, थराज, अलिका, भीमा, बडागुढ़ा, सुबाखेड़ा, सुखचैन, बीरूवाली गुड़ा, बेगू, कुरंगावाली, फग्गू, झोरड़, खतरावा, गदराणा, रोड़ी, नेजाडेला, सिकंदरपुर, दड़बी, बरूवाली, बरूवाली प्रथम, डबवाली ब्लॉक, चोपटा और ऐलनाबाद ब्लॉक में अधिक गांवों में पानी की समस्या के कारण लोगों को टैंकर मंगवाने पड़ते हैं। जमीनी खारा पानी होने के कारण लोग नहरी पानी को ही पीने के लिए इस्तेमाल में लाते हैं।