वैदवाला के किसानों ने प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के खिलाफ की नारेबाजी, 15 अगस्त से बड़े आंदोलन की चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा । बिजली टावर के लिए अधिग्रहित भूमि के मुआवजे की मांग पर वैदवाला के किसानों का आक्रोश मंगलवार को खुलकर सामने आया। प्रशासन को दिए गए एक सप्ताह के अल्टीमेटम की अवधि समाप्त होने के बाद किसानों और ग्रामीणों ने बरनाला रोड स्थित बिजली निगम कार्यालय का घेराव किया।
इस दौरान प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृहमंत्री और प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। बिजली निगम कार्यालय के मुख्य द्वार को पहले ही बंद कर दिया गया था और परिसर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
सुबह से किसान लघु सचिवालय के मुख्य द्वार पर धरने पर बैठे रहे। दोपहर करीब दो बजे वे वाहनों के काफिले के साथ जुलूस की शक्ल में बिजली निगम कार्यालय पहुंचे जहां जमकर नारेबाजी की। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को कार्यालय परिसर में प्रवेश करने से रोक दिया।
किसान नेता मैक्स साहूवाला ने कहा कि किसानों को उनकी अधिग्रहित जमीन का पूरा और न्यायसंगत मुआवजा मिलना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करने के बावजूद प्रशासन ने उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया है।
उन्होंने बताया कि प्रशासन ने किसान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी से संपर्क किया है। जल्द ही मांगों पर सकारात्मक निर्णय का भरोसा दिया है। हालांकिए किसानों का कहना है कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई चाहिए।
किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो 15 अगस्त को आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आगामी रणनीति की घोषणा उसी दिन की जाएगी।
प्रदर्शन में खेत मजदूर भूपेंद्र सिंह वैदवाला, किसान नेता हरप्रीत सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में कहा कि जब तक उचित मुआवजा नहीं मिलेगा तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।