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Sirsa News: बीकेई के बैनर तले किसानों ने पंजाब सरकार का विरोध किया

Thu, 19 Mar 2026 11:23 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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बीकेई के किसान नेता व किसान प्रदर्शन करते हुए।
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फोटो- 22, 23
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। लघु सचिवालय के समक्ष वीरवार को किसानों ने भारतीय किसान एकता के बैनर तले उपायुक्त कार्यालय के बाहर पंजाब के सरकार के विरोध में प्रदर्शन किया। अध्यक्षता बीकेई प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने की। शहीद भगत सिंह स्टेडियम से प्रदर्शन करते हुए किसान नेता लघु सचिवालय परिसर में पहुंचे।
किसान नेता लखविंद्र सिंह औलख ने कहा कि किसानों-मजदूरों की मांगों को लेकर 401 दिनों से शांतिपूर्ण चले किसान आंदोलन भाग-2 (शंभू व खनौरी बॉर्डर पर) को पंजाब की सरकार ने केंद्र के इशारे पर 19 मार्च 2025 को उजाड़ने का काम किया और किसानों की ट्रालियों सहित सामान लूटने के विरोध में प्रदर्शन किया गया।
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औलख ने कहा कि लूटा गया सामान आज तक किसानों को वापस नहीं दिया गया है न ही उसकी भरपाई करवाई गई है। इसलिए आज पंजाब और हरियाणा में पंजाब सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किए गए।
बीकेई की ओर से उपायुक्त को किसानों-मजदूरों की मांगों का मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। इसमें प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में बीमा कंपनियों की ओर से किसानों के साथ बार-बार हो रहीं गड़बड़ियों को ठीक करने और मंडियों में फसल बेचने वाले किसानों की बायोमीट्रिक और ट्रैक्टर के फोटो के आदेश को वापस लेने की मांग रखी गई।
अधिकारी व व्यापारी मिलकर पंजीकरण में कर रहे गड़बड़ियां
औलख ने आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारियों व व्यापारियों ने पंजीकरण में गड़बड़ियां करके धान घोटाला किया है। बाजरा भावांतर योजना में किसानों की लूट की, सीसीआई रा नरमा खरीद में घोटाला किया गया। उन पर कार्रवाई घर की किसानों की भरपाई करवाने के बजाय अब सरकार ने बायोमेट्रिक वाला आदेश सुनाकर सजा किसानों को दे रही है जो कभी सहन नहीं होगी। औलख ने कहा कि क्रॉप कटिंग करते समय गांव को इकाई मानने के बजाय एक किसान को इकाई माना जाए ताकि खराब हुई फसलों की बीमा क्लेम से भरपाई करवाई जा सके। खरीफ -2025 में भारी बरसात, जलभराव व बाढ़ से सिरसा जिले में बहुत भारी नुकसान हुआ था।
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यह रखी मांग
हरियाणा सरकार ने जो मुआवजा और बीमा क्लेम जारी किया है उसमें बहुत अनियमिताएं हैं। कई गांवों काे नुकसान हुआ था जिन्हें न तो मुआवजा मिला है और न ही बीमा क्लेम। हमारी सरकार से अपील है कि खरीफ 2025 में बीमा और मुआवजे से वंचित सभी किसानों की खराब हुईं फसलों की भरपाई करवाई जाए और क्रॉप कटिंग में हुईं गड़बड़ियों को दूर किया जाए। एक्स्ट्रा पॉल्यूशन में गए 18 गांवों का बकाया बीमा क्लेम भी जल्द जारी किया जाए। कई किसानों का बीमा प्रीमियम तो पूरे रकबे का काट लिया गया था लेकिन बीमा क्लेम 1-2 एकड़ जमीन का जारी किया गया है। खरीफ 2023, 2024 तथा 2025 में सिरसा जिले के कई किसानों का बीमा जारी करने के बजाय बीमा कंपनी ने प्रीमियम कई महीनों बाद वापस कर दिया है। कई किसानों को न तो बीमा क्लेम मिला है और न ही बीमा प्रीमियम वापस आया है। बीमा प्रीमियम किसानों से दोबारा लेकर उन्हें बीमा क्लेम जारी किया जाए। जिन किसानों की केसीसी बनी हुई है उन किसानों का खरीफ व रबी सीजन का बीमा प्रीमियम बैंकों द्वारा 31 जुलाई व 31 दिसम्बर को बिना उनकी मर्जी से उनके खातों से काट लिया जाता है। अपील है कि जब तक किसान फसल बीमा न करवाना चाहें तब तक उसके बैंक खाते से उसकी बीमा प्रीमियम राशि न काटी जाए और न ही उससे बीमा प्रीमियम रोकने के लिए बार-बार लिखित में लिया जाए आदि मांगें रखीं।
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