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किसानों का आंदोलन जारी, संयुक्त किसान मोर्चा की आज बैठक

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सिरसा, डबवाली, रानियां। कृषि कानूनों को वापस लिए जाने की घोषणा के दूसरे दिन भी किसान धरनास्थल पर डटे रहे। किसानों का कहना है कि संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से जो भी फैसला लिया जाएगा उसके अनुसार ही वह चलेंगे। बता दे कि संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से रविवार को बैठक की जाएगी और आगे की रणनीति तय की जाएगी। किसानों की ओर से एमएसपी पर कानून बनाने, बिजली बिल को रद्द करने और किसानों पर दर्ज केसों को रद्द करने के साथ अन्य कई मांगों को भी रखा गया है।
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कृषि कानून वापस लिए जाने की घोषणा पर डबवाली विधायक अमित सिहाग ने किसान आंदोलन की बड़ी जीत बताया। उन्होंने कहा कि किसान, मजदूर का संघर्ष, एकता और स्वाभिमान की जीता है। वहीं जेजेपी प्रवक्ता रणजीत सिंह मटदादू ने कहा कि गुरु नानक देव के पावन प्रकाश पर्व पर तीन कृषि कानूनों को वापस लेने का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फैसला किसानों के संघर्ष की जीत है। उन्होंने फैसले का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला का आभार व्यक्त किया है।
एमएसपी तक संघर्ष रहेगा जारी : राकेश
गोरीवाला में किसान सभा के तहसील सचिव राकेश फगोड़िया व पैक्स चौटाला वाइस चैयरमेन दया राम उलानिया ने कहा कि जब तक न्यूनतम समर्थन मूल्य लागू नहीं होता तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। वहीं उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के बाद भी सब सतर्क रहेंगे और संसद से कानूनों के निरस्त होने की प्रतीक्षा भी करेंगे।
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तानाशाही सरकार की हर लोकतंत्र की जीत हुई : डॉ. अमरजीत
कृषि कानूनों की वापसी पर आम आदमी पार्टी नेता डॉ. अमरजीत सिंह चानी ने कहा कि 700 से अधिक किसानों की शहादत के बाद तीन कृषि कानूनों को वापस लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह जीत तब तक अधूरी है जब तक तीनों कानून संसद में निरस्त नहीं हो जाते।
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