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लाठीचार्ज के विरोध में किसानों ने 16 घंटे तक दोनों टोल रखे जाम

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भावदीन टोल प्लॉजा पर जाम में फंसे वाहन की लगी लंबी कतार। संवाद - फोटो : Sirsa
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रोहतक में किसानों पर लाठीचार्ज करने के विरोध में किसानों ने शनिवार रात नौ बजे हिसार रोड के भावदीन और डबवाली नेशनल हाईवे स्थित खुइयांमलकाना टोल प्लाजा पर अवरोधक रख जाम लगा दिया। अवरोधक के कारण रोड के दोनों तरफ वाहनों का लंबी कतार लग गई। वाहन चालक 16 घंटे तक जाम में फंसे रहे। रविवार दोपहर बाद किसानों की बैठक होने के बाद किसानों ने एक बजे के करीब जाम खोल दिया और आवाजाही शुरू हो गई। वहीं टोल प्लाजा पर दिनभर भारी पुलिस बल भी तैनात रहा।
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बता दें कि कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलनकारी किसान रोहतक में मुख्यमंत्री मनोहर के कार्यक्रम में पहुंचे थे। सीएम का विरोध करने पर पुलिस और किसानों के बीच संघर्ष हुआ था। कई किसान व पुलिसकर्मी संघर्ष में घायल हो गए थे। इसके विरोध में भावदीन और खुइंयामलकाना टोल पर धरना देकर बैठे किसानों ने रात करीब नौ बजे रोड जाम कर दिया। जाम की सूचना मिलते ही पुलिस बल टोल प्लाजा पर पहुंच गया और स्थिति की जानकारी ली। इस दौरान डिंग थाना प्रभारी कश्मीरी लाल सहित भारी पुलिस बल तैनात रहा। रविवार को टोल प्लाजा पर मार्ग बंद होने से वाहन चालकों को काफी परेशानी हुई। रविवार को दोपहर करीब एक बजे किसान संयुक्त मोर्चा के हाईकमान के निर्देश मिलने पर किसानों ने टोल को तुरंत खोल दिया। भीड़ को देखकर मौके पर पुलिस कर्मचारी वाहनों को निकालने में जुट गए व जाम खुलवाने के लिए पुलिस को एक घंटे तक भारी मशक्कत करनी पड़ी।
ग्रामीण रास्तों से गुजरते रहे वाहन चालक
नेशनल हाईवे स्थित भावदीन और खुइयांमलकाना टोल प्लाजा जाम होने के कारण वाहन चालक आसपास के गांवों से होकर गुजरते रहे। इसके कारण वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा और अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ी। बड़े वाहनों की टोल के दोनों तरफ लंबी कतार देखने को मिली। वाहन चालक करीब 14 घंटे टोल पर ही लाइन में फंसे रहे।
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किसान बोले - यह केवल छोटी सी चेतावनी, अनिश्चितकालीन भी हो सकता है टोल जाम
भावदीन टोल पर उपस्थित किसान नेता हरविंद्र सिंह थिंद, लखविंद्र सिंह ओलख, भूपेंद्र सिंह वैदवाला, गुरप्रीत सिंह, राजचंद्र कंबोज, लालचंद कंबोज ने कहा कि किसानों पर लाठीचार्ज करने पर टोल को कुछ समय के लिए बंद किया गया है, जोकि सरकार के लिए केवल एक छोटी सी चेतावनी है। अगर इसके बाद भी किसानों पर इस तरह सरकार लाठीचार्ज करवाती है तो टोल अनिश्चितकालीन समय के लिए भी बंद हो सकता है। सरकार अपनी जिद पर अड़ सकती है तो किसान भी अपनी जिद पर अड़ जाम लगाने से पीछे नहीं हटेंगे।

भावदीन टोल प्लाजा पर किसानों द्वारा लगाया गया जाम।- फोटो : Sirsa

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