जजपा कार्यालय के समक्ष बने किसान चौक को शनिवार रात उखाड़ने पर किसान रोष में आ गए और किसानों ने रविवार को सुबह आठ बजे ही चौक पर धरना दे दिया। रोष में आए किसानों ने दोपहर बाद उसी स्थान पर किसान चौक का निर्माण कर किसान एकता के नारे लगाने शुरू कर दिए। वहीं प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों को चौक के निर्माण करने से पहले उपायुक्त से अनुमति लेने के लिए कहा, जिसके पश्चात किसान उपायुक्त से मिलने पहुंचे और बाद में किसानों ने उपायुक्त द्वारा भी चौक बनाने की अनुमति दिए जाने की जानकारी दी।
बता दें कि शनिवार को मिट्टी सत्याग्रह यात्रा कई राज्यों के शहीदी स्थलों से मिट्टी एकत्र कर सिरसा के शहीद भगत सिंह खेल स्टेडियम में पक्का मोर्चा के धरना स्थल पर पहुंची थी। सत्याग्रह यात्रा का नेतृत्व मेधा पाटकर द्वारा किया गया था और उन्होंने हुडा रोड स्थित जजपा कार्यालय के समक्ष शहीदी स्थलों की मिट्टी से भरा कलश रखकर चौक की स्थापना की थी। शनिवार रात करीब 11 बजे तक किसान चौक का निरीक्षण करते रहे, लेकिन रात 12 बजे के बाद किसी ने किसान चौक को उखाड़ 100 मीटर की दूरी पर रोड के साथ गिरा दिया। किसान चौक उखाड़े जाने की जानकारी पक्का मोर्चा धरना स्थल के किसानों को मिली तो किसान सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए चौक पर पहुंच गए और किसानों ने धरना दे दिया। किसानों को समझाने के लिए मौके पर प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे, लेकिन किसानों ने उनकी एक नहीं सुनी और दोपहर बाद किसानों ने चौक का निर्माण कर उसे पक्का कर दिया। इस मौके पर बाबा गुरदीप सिंह, लखा सिंह अलीकां, सतपाल सिंह, जिंदा नानूआना, जीवनप्रीत, वेद, सुखदेव सिंह वैदवाला उपस्थित रहे।
प्रशासन पर चौक उखाड़ने के लगाए आरोप
वहीं किसान नेता प्रह्लाद सिंह भारूखेड़ा ने आरोप लगाया कि बीते दिन शनिवार को किसान चौक का निर्माण जजपा कार्यालय के समक्ष किया गया था। आरोप लगाया कि देर रात भाजपा और जजपा नेताओं के आदेेश पर प्रशासनिक अधिकारियों ने किसान चौक को हटवा दिया। शहीद स्थलों की मिट्टी से बना किसान चौक राष्ट्र की धरोहर था, लेकिन नेताओं ने चौक को उखाड़ शहीदों का अपमान किया है। इसे सहन नहीं किया जाएगा।
किसानी के प्रतीक हल की होगी चौक पर स्थापना
वहीं किसानों ने कहा कि उपायुक्त द्वारा भी किसान चौक बनाने की अनुमति दी गई है। अब प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा रखी गईं शर्तों अनुसार चौक का निर्माण किया गया है। अगर इसके पश्चात भी किसान चौक के साथ छेड़छाड़ की जाती है तो शहीद भगत सिंह खेल स्टेडियम में चल रहा पक्का धरना मोर्चा स्थल हुडा चौक पर शुरू कर दिया जाएगा और अनिश्चितकालीन धरना जजपा कार्यालय के समक्ष शुरू कर दिया जाएगा। वहीं किसानों ने चौक को उखाड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की भी मांग की है।
दिनभर भारी पुलिस बल रहा चौक पर तैनात
बता दें कि किसानों द्वारा हुडा रोड और मिनी बाईपास रोड के बीच किसान चौक बनाया गया था। चौक के बिलकुल सामने जजपा का कार्यालय है, जबकि इसकी कुछ दूरी पर ही उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला और बिजली मंत्री चौधरी रणजीत सिंह का आवास है। इसके चलते दिनभर चौक पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। सुबह किसान चौक उखाड़ने की जानकारी किसानों को मिली तो वे सुबह आठ बजे ही चौक पर पहुंच गए और धरना दे दिया। इसके पश्चात किसानों को समझाने के लिए प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे, लेकिन इसके बाद किसानों ने दोपहर डेढ़ बजे किसान चौक का निर्माण कर दिया।