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किसानों ने लघु सचिवालय को घेरा

Thu, 11 Feb 2016 01:02 AM IST
अमर उजाला सिरसा/ब्यूरो
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खराब हुई फसलों के मुआवजे व बिजली के बढ़ाए गए दामों को वापस लेने की मांग को लेकर बुधवार दोपहर सैकड़ों किसानों ने शहर में जोरदार प्रदर्शन किया और लघु सचिवालय में पड़ाव डाल दिया।
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किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती उपायुक्त कार्यालय समक्ष उनका धरना जारी रहेगा। किसानों ने प्रशासन को इसके लिए सात दिनों का अल्टीमेटम दिया है।

हरियाणा किसान मंच के नेतृत्व में किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम उपमंडलाधीश परमजीत चहल को ज्ञापन सौंपा। रोष प्रदर्शन में जिले भर से 12 गांवों के किसानों ने भाग लिया।
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जानकारी के अनुसार हरियाणा किसान मंच के प्रदेशाध्यक्ष प्रह्लाद सिंह भारूखेड़ा के नेतृत्व में बुधवार सुबह जिले के विभिन्न गांवों से 700 किसान टाउन पार्क में एकत्रित हुए।

इसके बाद किसानों ने हरियाणा सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। किसानों को संबोधित करते हुए प्रह्लाद सिंह भारूखेड़ा ने कहा पहले ओलों के कारण किसानों की गेहूं की फसल पूरी तरह नष्ट हो चुकी थी, उसके बाद सफेद मक्खी से कपास की फसल खराब हो गई थी

और अब समय पर बरसात न होने से गेहूं की फसल भी कमजोर है। इसलिए किसानों का गुजारा मुश्किल हो गया है। सरकार किसानों उनकी खराब हुई सफल का उचित मुआवजा नहीं दे रही। गिरदावरी की तमाम रिपोर्ट प्रशासनिक अधिकारियों के पास पड़ी है।

सुबह 11 बजे से लेकर एक बजे तक टाउन पार्क में नारेबाजी करने के बाद सैकड़ों किसान प्रदर्शन करते हुए सड़कों पर उतर गए। इसके बाद वे प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय में पहुंचे।

रोष प्रदर्शन और किसानों की संख्या देखते हुए प्रशासन को उपायुक्त कार्यालय समक्ष भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा। इस दौरान किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

टाउन पार्क में किसानों ने सभा का आयोजन किया जहां से नारेबाजी करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। उन्होंने कहा कि जब तक मुआवजा नहीं मिलेगा किसानों का संघर्ष जारी रहेगा।

डीसी को ज्ञापन देने पर अड़े किसान
प्रदर्शनकारी किसान डीसी को ज्ञापन देना चाहते थे लेकिन प्रशासन की तरफ से नायब तहसीलदार को ज्ञापन लेने भेज दिया। इससे किसान नाराज हो गए और उन्होंने नायब तहसीलदार को वापस भेज दिया।

इसके बाद उपमंडलाधीश परमजीत चहल किसानों के बीच आए पर उन्हें भी वापस जाना पड़ा। इसके बाद डीएसपी जगदीश काजला ने किसान नेता प्रह्लाद सिंह भारूखेड़ा को समझाया।

फिर उपमंडलाधीश परमजीत चहल वापस किसानों के बीच आए। प्रदर्शनकारियों ने उनसे कहा कि बिजली निगम के एक्सईएन को भी बुलाया जाए। उनके आने के बाद किसानों ने दोनों अधिकारियों ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा।

मुश्किल हो गया है गुजारा करना
किसानों ने उपमंडलाधीश से कहा कि किसानों का गुजारा मुश्किल हो गया है। जल्द से जल्द इन किसानों को मुआवजा राशि वितरित किया जाए।

उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द मुआवजा राशि वितरित नहीं की गई तो रोड जाम, रेल रोको आंदोलन, भूख हड़ताल जैसे कदम उठाए जाएंगे। आंदोलन की शुरूआत लघु सचिवालय कार्यालय पर धरने से कर रहे हैं।

इसके बाद सैकड़ों किसान धरने पर बैठ गए। किसान नेता प्रह्लाद सिंह भारूखेड़ा ने कहा कि हर जिलेभर से आने वाले किसान हर रोज धरने पर बैठने आएंगे।

अगर सात दिनों के अंदर किसानों की  मांग पूरी नहीं की गई तो रेल रोको आंदोलन शुरू किया जाएगा। सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन करने वालों में गांव ताजिया, शेरपुरा, जोगीवाला, सकरमंदोरी, गुडिया, जमाल, बरासरी, कुताना, नुइयांवाली, घुकावाली, ओढां व बकरियां वाली के सैकड़ों किसान शामिल हुए।
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ये हैं मुख्य मांगें
1. खराब हुई फसलों का मुआवजा 25000 रुपये प्रति एकड़ की दर से दिया जाए।
2. बिजली की बढ़ाई दरों को वापिस लो और सरचार्ज लगाना बंद करो।
3. जिला में बिजली चोरी करने वाले बड़े अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए।
4. स्वामी नाथन रिपोर्ट को लागू किया जाए।
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