सिरसा। शामलात देह व जुमला मुस्तरका मालकान, मुआवजा जारी करने सहित अन्य मांगों को लेकर किसानों ने वीरवार को प्रदर्शन करने के बाद बिजली मंत्री आवास के पास पहुंच टेंट लगाकर दो दिवसीय धरना दिया। इस दौरान तीन किसानों ने अनशन रख लिया और कहा कि जब तक बिजली मंत्री आवास से खाना व चाय नहीं आता वह केवल पानी का सेवन कर ही गुजारा करेंगे। इस दौरान भारी पुलिस बल बैरिकेड लगाए हुए तैनात रहा।
वीरवार को भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी ग्रुप और भारतीय किसान एकता (बीकेई) ने संयुक्त रूप से शामलात देह व जुमला मुस्तरका मालकान के विरोध में शहीद भगत सिंह खेल स्टेडियम में एकत्र हुए। किसान दोपहर 12.30 बजे प्रदर्शन करते हुए बाबा भूमण शाह चौक पर पहुंचे। इस दौरान डीएसपी कुलदीप बैनीवाल, सीआईए थाना प्रभारी प्रदीप कुमार, रानियां थाना प्रभारी विक्रम सिंह सुरक्षा बल के साथ तैनात रहे। पुलिस ने बिजली मंत्री आवास की तरफ जाने वाले मुख्य मार्ग पर बैरिकेड लगा आवाजाही बंद कर दी। किसान प्रदर्शन करते हुए चौक पर पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें वहीं रोक लिया। इसके बाद किसानों ने कहा कि यूनियन के आह्वान पर उनकी तरफ से बिजली मंत्री के आवास का घेराव किया जाना है। इसके चलते वह उन्हें बिजली मंत्री आवास के पास जाने दें। कुछ समय वह वहां पर धरना देकर वापस आ जाएंगे। साथ ही किसानों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर 15 मिनट में उन्हें नहीं जाने दिया तो वह बैरिकेड तोड़ने को भी मजबूर होंगे। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने किसानों के मुख्य नेताओं से बात की और उन्हें मंत्री के आवास से कुछ दूरी पर धरना लगाने की बात कही। जिस पर किसान सहमत हो गए। बिजली मंत्री आवास से करीब 200 मीटर की दूरी पर धरना देकर किसानों ने शुक्रवार शाम पांच बजे तक जारी रखने का ऐलान कर दिया।
देर शाम तक नहीं आया मंत्री आवास से खाना
धरना देने के दौरान तीन किसानों ने अनशन रखने का फैसला लिया। इस दौरान किसान नेता सिकंदर सिंह रोड़ी, जगविंद्र सिंह नाखा, गुरजीत सिंह ने अनशन रखा। उन्होंने कहा कि अगर बिजली मंत्री के घर से जो कुछ भी उनके लिए भेजा जाता है, तो वह उसका सेवन करेंगे अन्यथा शुक्रवार शाम तक केवल पानी ही पीएंगे। हालांकि देर शाम सात बजे तक किसानों के लिए मंत्री आवास की तरफ से पानी तक भी नहीं भेजा गया।
गुलाबी सूंडी व बारिश से खराब फसल का मुआवजा देने की मांग
चढ़ूनी ग्रुप से जिलाध्यक्ष सिकंदर रोड़ी व बीकेई से मैक्स साहुवाला ने बताया कि गुलाबी सूंडी व बारिश से खराब हुई फसलों का जिले के कई गांवों के किसानों का मुआवजा अभी तक नहीं आया है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के खाते से बीमा प्रीमियम के नाम पर तो राशि काट लेती है, लेकिन जब किसानों को देने की बारी आती है तो अपने हाथ पीछे खींच लेती है। उन्होंने बताया कि मौजगढ़ हेड को तोड़कर तेजाखेड़ा की ओर ले जाया जा रहा है। जिससे सैकड़ों एकड़ भूमि बंजर हो जाएगी। इस मौके पर गुरी सेखों, युवराज श्योकंद, बलजिंदर वेदवाला, उदय गिल, गव्यी गिल, लवली, बलराज बाजवा, लीला उपस्थित रहे ।
बाबा भूमण शाह चौक पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस अधिकारियों से बातचीत करते किसान । संवाद- फोटो : Sirsa