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Sirsa News: बिजली टावरों के मुआवजे के लिए टंकी पर चढ़े किसान

Fri, 14 Aug 2026 12:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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सिरसा। टंकी पर चंढ़े किसान भूपेंद्र सिंह वेदवाला। 
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प्रशासन पर समझौता तोड़ने का आरोप, लाइन हटाने और जमीन के पुनर्मूल्यांकन की मांग
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- किसाना नेता चढ़ूनी ने कहा-किसानों की मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन किया जाएगा तेज
फोटो 46

संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। वैदवाला गांव में बिजली टावरों के मुआवजा विवाद में वीरवार को नया मोड़ आया गया जब खेत मालिक भूपेंद्र सिंह वैदवाला और दिव्यांग किसान वेद प्रकाश जलघर की पानी की टंकी पर चढ़ गए। दोनों किसानों ने प्रशासन के खिलाफ रोष जताते हुए वीडियो जारी कर चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों की अनदेखी करते हुए जबरदस्ती करने का प्रयास किया गया तो वे कड़ा कदम उठाने को मजबूर होंगे।
किसानों के टंकी पर चढ़ने की सूचना मिलते ही ग्रामीण, किसान संगठन और पुलिस मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने किसानों को नीचे उतरने के लिए समझाने का प्रयास किया लेकिन दोनों अपनी मांगों पर अड़े रहे। देखते ही देखते जलघर परिसर धरना स्थल में तब्दील हो गया।
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पुलिस और प्रशासन की ओर से किसानों से बातचीत कर स्थिति सामान्य करने का प्रयास किया जाता रहा। वहीं, जलघर पर किसान नेताओं, कांग्रेस नेताओं का जमावड़ा लगना शुरू हो गया। लघु सचिवालय की जगह किसानों ने जलघर में अपना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। टंकी पर बैठकर ही किसान खाना-पीना कर रहे हैं।
किसान भूपेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि मुआवजे के लिए पहले प्रशासन के साथ किसानों की बैठक हुई थी। बैठक में जमीन के मुआवजे का दोबारा मूल्यांकन करवाने और तब तक बिजली लाइन बिछाने का काम रोकने पर सहमति बनी थी।
किसानों का कहना है कि उन्होंने प्रशासन के आश्वासन पर खेत खाली रखे लेकिन बाद में पुलिस की मौजूदगी में बिजली लाइन बिछाने का काम कर दिया गया। किसानों ने सवाल उठाया कि जब मुआवजे का विवाद अभी सुलझा नहीं था तो खेतों में बिजली लाइन बिछाने की जल्दबाजी क्यों की गई।
किसानों ने मांग की कि बिछाई गई लाइन हटाई जाए और जमीन का दोबारा मूल्यांकन करवाकर उचित मुआवजा निर्धारित किया जाए।

दूसरे गांवों से कम मुआवजा मिलने का आरोप
भूपेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि हांडीखेड़ा, कासनखेड़ा और फरवाई गांवों में किसानों को कलेक्टर रेट के पांच गुना तक मुआवजा दिया गया है जबकि वैदवाला के किसानों को अपेक्षित मुआवजा नहीं मिल रहा। किसानों के अनुसार, गांव में जमीन का कलेक्टर रेट करीब 90 लाख रुपये तक है जबकि सड़क के आसपास जमीन की बाजार कीमत करीब एक करोड़ से 1.10 करोड़ रुपये तक बताई जा रही है। किसानों का दावा है कि कुछ जमीन की बिक्री चार से पांच करोड़ रुपये तक की दर पर हुई है। किसानों की मांग है कि जमीन का दोबारा मूल्यांकन करवाकर वास्तविक बाजार मूल्य के आधार पर चार से पांच गुना तक मुआवजा निर्धारित किया जाए।
महापंचायत से पहले टंकी पर चढ़े किसान
बिजली टावर और मुआवजे के मुद्दे पर वीरवार को सिरसा लघु सचिवालय के बाहर चल रहे किसानों के धरने पर महापंचायत बुलाई गई थी। किसान 15 अगस्त को लेकर बड़े आंदोलन की चेतावनी भी दे चुके थे। इसी बीच भूपेंद्र सिंह और दिव्यांग किसान वेद प्रकाश वैदवाला के जलघर की पानी की टंकी पर चढ़ गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए किसान संगठनों के नेताओं को भी मौके पर बुलाया गया। इसके बाद जलघर परिसर में किसानों और ग्रामीणों ने धरना शुरू कर दिया।
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चढ़ूनी भी किसानों के समर्थन में पहुंचे
किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी भी किसानों के समर्थन में वैदवाला पहुंचे। उन्होंने सरकार और प्रशासन से किसानों के साथ जबरदस्ती नहीं करने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसानों की मांगों का बातचीत के माध्यम से समाधान किया जाना चाहिए। चढ़ूनी ने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। फिलहाल वैदवाला में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। पुलिस और प्रशासन किसानों को समझाने में जुटे हैं जबकि किसान बिजली लाइन हटाने, जमीन का पुनर्मूल्यांकन कराने और उचित मुआवजा देने की मांग पर अड़े हुए हैं।
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