संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। शेरांवाली माइनर के निर्माण में कोताही का आरोप लगाकर धरने पर बैठे किसानों ने वीरवार को बकरियांवाली के पास सिरसा-जमाल रोड पर जाम लगा दिया। किसान तीन घंटे तक रोड पर बैठे रहे, लेकिन कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इसके बाद लोगों की परेशानी का देखते हुए किसानों ने स्वयं ही जाम खोल दिया।
शेरांवाली माइनर से जुड़े गांवों की टेल तक पानी पहुंचाने की मांग को लेकर वीरवार को किसानों ने बकरियांवाली गांव में नहर के पुल पास जमाल रोड पर जाम लगा दिया। यह रोड बकरियां वाली से जमाल होते हुए राजस्थान की ओर जाता है। यह जाम सुबह 11 बजे से लेकर दोपहर 2 बजे तक तीन घंटे तक लगाया। रोड जाम के कर किसानों ने प्रशासन और विभाग के खिलाफ नारे बाजी भी की। जाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। आने जाने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
हैरानी की बात तो यह रही कि तीन घंटे रोड जाम के दौरान संबंधित विभाग और प्रशासन के अधिकारी मौके पर किसानों के बीच में नहीं गए। तीन घंटे के इस सांकेतिक रोड जाम के बाद किसानों ने खुद ही इस जाम को खोल दिया और लोगों को आने जाने दिया।
बता दें कि शेरांवाली नहर के तल के ऊंचा होने के कारण क्षेत्र के पांच गांवों के किसान पिछले 17 दिनों से बकरियांवाली के नहर पुल पर धरने पर बैठे हैं। किसान विरेंद्र न्योल, सुभाष बकरियांवाली, भूप सिंह, राजाराम आदि किसानों ने बताया कि वह एक अक्तूबर से शेरांवाली नहर के तल को ऊंचा उठाने की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं। लेकिन विभागीय अधिकारियों की ओर से कोई स्पष्ट समाधान नहीं किया जा रहा है। शुक्रवार को अगर समय रहते विभाग या प्रशासन के अधिकारी बातचीत कर समाधान नहीं करते तो आज सभी पांच गावों के किसान मिलकर सख्त निर्णय लेगें।
इस धरने में गांव बकरियांवाली, गुडिय़ांखेड़ा, चौबुर्जा व मोडिया खेड़ा के किसान शामिल हैं। उनका धरना नहर पुल पर शांति पूर्वक चल रहा है, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही। संबंधित विभाग व प्रशासन के अधिकारियों को किसान अपनी समस्या बता चुके हैं।