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सांसद के घर का घेराव करने पहुंचे किसानों और पुलिस कर्मचारियों में हुई धक्का-मुक्की

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Farmers and police employees rushed to encircle MP's house - फोटो : Sirsa
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केंद्र सरकार द्वारा पारित तीन कृषि कानूनों के विरोध में मंगलवार को लघु सचिवालय में धरने पर बैठे किसानों ने काले झंडे लेकर सांसद सुनीता दुग्गल के घेराव का प्रयास किया। हालांकि पुलिस ने पहले उन्हें पीछे ही रोक लिया। इस पर पुलिस कर्मचारियों की किसानों के साथ धक्का-मुक्की भी ुई। हालांकि बाद में प्रशासन ने किसानों को सांसद के घर के पास प्रदर्शन करने की इजाजत दे दी।
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मंगलवार को लघु सचिवालय पर धरने पर बैठे किसान नेता जसवीर सिंह भाटी, प्रकाश ममेरां, लखविंद्र सिंह औलख, बूटा सिंह थिंद, जरनैल सिंह बराड़, गुरदास लक्कडावाली, भीम साईं, मैक्स साहुवाला, गुरनाम झब्बर किसानों के साथ तीन बजे सांसद सुनीता दुग्गल के निवास की ओर चल पड़े। किसानों ने तीन कानूनों को किसान विरोध बताते हुए रोष जताया। जैसे ही किसान पैदल ही हुडा सेक्टर में सांसद की कोठी के पास पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें बेरीकेट्स लगाकर रोक लिया। किसानों ने आगे जाने का प्रयास किया, इस बात को लेकर उनकी पुलिस कर्मचारियों के साथ बहस बाजी हो गई और दोनों पक्षों में धक्का मुक्की भी हो गई।
एसडीएम जयबीर यादव व डीएसपी आर्यन चौधरी ने मामले को शांत करवाया। किसानों ने कहा कि वे सांसद के घर के आगे जाकर प्रदर्शन करना चाहते हैं। उनमें से कोई भी हुडदंगी नहीं है। इसके बाद प्रशासन ने किसानों को घर के पास शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने की अनुमति दी। किसान नेता जसबीर भाटी व अकाली दल के जिला प्रधान लखविंद्र सिंह ने कहा कि पंजाब में जिस तरह से अकाली दल बादल पार्टी पर समर्थन वापिस का दबाव बनाया और उसमें सफलता भी मिली। उन्होंने कहा कि इसी तरह हरियाणा में भी जजपा व कैबिनेट मंत्री चौ. रणजीत सिंह चौटाला पर भी समर्थन वापसी का दबाव बनाया जर रहा है।
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किसान नेता जसबीर सिंह भाटी ने कहा कि लोकसभा चुनावों में सिरसा की जनता ने सांसद को भारी मतों से जिताया था, लेकिन अब सिरसा की यहीं जनता सांसद की जमानत जब्त करवाएगी। जिसमें कि किसानों का बड़ा अहम योगदान होगा। किसान नेताओं ने कहा कि सांसद जब पिछले दिनों ओढ़ा में गई थी तो उसे काले झंडे दिखाए गए। अब भी गांवों में जाएगी तो काले झंडे दिखाए जाएंगे। किसान नेता मैक्स साहुवाला ने कहा कि गांव में जो स्वागती गेट बने हुए है, उन पर भाजपा व जजपा के बहिष्कार के बैनर लगाए जाए। किसान अब बुधवार को अनाज मंडी सिरसा में इक्ट्ठा होकर एमएसपी अधिकार दिवस मनाएंगे।
बिनैन खाप ने किसानों के धरने को दिया समर्थन
दूसरी ओर शहीद भगत सिंह स्टेडियम में तीन कृषि कानून के विरोध में धरने पर बैठे किसानों के समर्थन में मंगलवार को बिनैन खाप का समर्थन मिला। बिनैन खाप की ओर से प्रवक्ता मा. रघुबीर सिंह नैन, प्रधान मास्टर फकीर चंद, चंद्र सिंह कल्हड़ी, मनोज नैन बलियावाला, प्रिंसिपल रणधीर सिंह व भाकियू से प्रांतीय अध्यक्ष चौ. जोगिंद्र घासीराम पहुंचे। उनके साथ गढ़ी धरने से भी काफी किसान समर्थन देने सिरसा पहुंचे। इस मौके पर मा. रघुबीर नैन ने कहा कि केंद्र सरकार ने तानाशाही तरीके से कोविड की आड़ लेकर तीन किसान विरोधी कानून पारित कर किसानों की कमर तोड़ने का काम किया है। ऐसे में जब किसान ही बर्बाद हो जाएगा तो देश का क्या हाल होगा, ये किसी से छिपा नहीं है। इस मौके पर किसान समिति के प्रदेशाध्यक्ष मनदीप नथवान, विकास सिसर व प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा ने संयुक्त रूप से बताया कि 17 किसान संगठनों के आह्वान पर धरना शुरू किया गया है। जब तक सरकार इन तीनों काले कानूनों को वापस नहीं ले लेती, वे चुप नहीं बैठेंगे।
दो धरनों को एकजुट करने की कवायद शुरू
सिरसा में किसानों के दो धरने चल रहे हैं। एक गुट प्रहलाद सिंह भारूखेडा व मंदीप नथवान के नेतृत्व में शहीद भगत सिंह स्टेडियम में धरने पर बैठा है तो दूसरा गुट लघु सचिवालय में धरने पर। मंगलवार को दोनों गुटों को एकजुट करने के लिए गुरुद्वारा चिल्ला साहिब में बैठक बुलाई गई। गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के पदाधिकारियों द्वारा पहले प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा गुट के सदस्यों से बातचीत की गई। इसके बाद जसबीर सिंह भाटी गुट के पांच सदस्यों के साथ मीटिंग की। ऐसे में दोनों गुटों को एक साथ किसान धरने के लिए तैयार किए जाने के प्रयास है। सभी किसान नेताओं ने गुुरुद्वारा प्रबंधन के पदाधिकारियों पर फैसला छोड़ दिया कि वे जो भी निर्णय लेंगे, सभी किसान नेताओं को मान्य होगा। यदि सहमति बनी तो दोनों जगहों की बजाए तीसरी जगह पर किसानों का एक धरना शुरू होगा।
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