नाथूसरी चोपटा। गांव गिगोरानी के किसान नाथूसरी चोपटा पंचायत समिति के पूर्व चेयरमैन विरेंद्र सहू ने 22 एकड़ भूमि में किन्नू का बाग और आठ एकड़ में आर्गेनिक अमरूद लगाए। इससे परंपरागत कृषि के साथ अतिरिक्त आमदन शुरू हो गई। इसके अलावा इजराइली विधि से लगाए गए तरबूज व खरबूजोको क्षेत्र के लोग काफी पसंद करते हैं। वीरेंद्र सहू की वर्णिका फ्रूट नर्सरी में तैयार पौधे आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश महाराष्ट्र और दिल्ली के किसान लेने के लिए आते हैं।
किसान विरेंद्र सहू ने सीडलैस किन्नू व मौसमी, माल्टा व नींबू के पौधे तैयार कर कमाई का दायरा भी बढ़ाया है। वर्णिका सहू फ्रूट नर्सरी गिगोरानी में तैयार उच्च क्वालिटी के पौधों को क्षेत्र के लोग काफी पसंद कर रहे हैं। लीक से हटकर कुछ करने के जज्बे ने विरेंद्र सहू को हरियाणा के साथ राजस्थान के आस पास के गांवों में अलग पहचान भी दिलवाई। प्रगतिशील किसान वीरेंद्र साहू को चौधरी चरण सिंह कृषि विश्वविद्यालय हिसार में आयोजित कृषि मेले में प्रोग्रेसिव फार्मर एंड हाईटेक नर्सरी के क्षेत्र में सराहनीय कार्य के लिए 15 मार्च को सम्मानित किया गया। वीरेंद्र सहू को यह पुरस्कार दूसरी बार मिलेगा। इसके लिए जिले से एकमात्र किसान वीरेंद्र सहू का चयन किया गया। किसानों को जागरूक करते के लिए किसान ने समृद्धि नामक मुहिम चला रखी है। इसके तहत वे ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में बच्चों को मुफ्त फलदार व छायादार पौधे देकर पर्यावरण को बचाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
एम हिंदी के बाद शुरू की खेती
विरेंद्र सहू ने बताया कि एमए हिंदी तक पढ़ने के बाद खेती पर ध्यान देना शुरू किया। साल 2003-04 में अपनी 22 एकड़ भूमि में किन्नू का व 8 एकड़ में आर्गेनिक अमरूद लगाए। इसी के साथ कृषि विभाग से डॉ. लक्ष्यवीर बैनीवाल व डीएचओ सतवीर शर्मा की प्रेरणा से पिछले तीन वर्षों से किन्नू, मौसमी व नींबू की पौधे तैयार कर बेचने से कमाई और बढ़ गई है। उसने बताया कि वह हर रोज सुबह पांच बजे से तीन या चार घंटे बाग में पौधों की देखभाल अवश्य करते हैं। विरेंद्र सहू ने बताया कि सरकार के सहयोग से उसने खेत में एक पानी की डिग्गी भी बना ली है। उन्होंने बताया कि किन्नू के पौधों में जल्दी सिंचाई की जरूरत नहीं होती। सिंचाई ड्रिप सिस्टम द्वारा की जाती है, जिससे पानी, खाद व दवाई सीधे पौधों को मिल जाती है।