टोल प्लाजा पर धरने पर बैठे किसान।
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तीन कृषि कानूनों के विरोध में जिले के टोल प्लाजा पर लगे धरने को लेकर सोमवार को भावदीन गांव के ग्रामीणों ने मोर्चा संभाला। टोल फ्री होने को लेकर अब गाड़ियां बिना रूके तेजी से टोल पार कर रहे हैं। जिसके कारण टोल प्लाजा पर लगे विभिन्न फास्टैग कंपनियों ने अपने बूथ वहां से हटा लिए है। क्योंकि कोई भी वाहन चालक फास्टैग नहीं लगवा रहे। हालांकि सामान्य स्थिति होने तक टोल प्लाजा के कर्मचारी टोल पर रहकर टोल प्लाजा की देखबाल कर रहे हैं। वहीं सिरसा में शहीद भगत सिंह स्टेडियम में चार साहिबजादों की याद में अखंड पाठ रखा गया। जिसका भोग बुधवार को डाला जाएगा।
भावदीन टोल प्लाजा पर अनिश्चतकालीन के लिए टोल फ्री करने की घोषणा के बाद पहले दिन भावदीन के किसानों ने धरने को संभाला। धरने को संभालने के लिए अब प्रतिदिन एक गांव के लोग धरने पर रहेंगे। किसान नेताओं द्वारा आगामी 22 जनवरी तक प्रतिदिन धरने को संभालने के लिए आस पास के अब 35 गांवों की ड्यूटी लगा दी हैं। 29 दिसंबर को बग्गुवाली गांव व 30 दिसंबर को नरेल खेड़ा के ग्रामीण धरना संभालेगें।
सड़क परिवाहन एव राजमार्ग मंत्रालय द्वारा 1 जनवरी से टोल पार करने के लिए फास्टैग को अनिवार्य करने के आदेश जारी हुए हैं। लेकिन टोल प्लाजा पर विभिन्न कंपनियों के फास्टैग बूथ भी किसानी आंदोलन के चलते अब वहां दिखाई नहीं दे रहे हैं। दिसंबर माह के शुरूआत में भावदीन टोल प्लाजा पर तीन कंपनियों के छह बूथ लगाकर वाहनों चालकों के फास्टैग लगाए जा रहे थे।
फास्टैग बूथ कर्मचारी चंचल कुमार का कहना है कि किसान आंदोलन के चलते टोल प्लाजा को आमजन के लिए फ्री कर दिया गया है। जिसके कारण टोल प्लाजा पर रूकने वाले वाहन अब तेजी से टोल को पार कर जाते हैं। बिना फास्टैग कार चालक बिना लाइनों में लगे टोल पार कर रहे हैं। हालांकि प्रत्येक टोल लाइन में 1 जनवरी से फास्टैग की अनिवार्य को लेकर पोस्टर चस्पा किया गया है। लेकिन फिर भी कोई फास्टैग नहीं लगवा रहा है। कंपनी अधिकारियों का कहना है कि हालात सामान्य होने तक टोल प्लाजा से बूथ को हटा लिया जाए।