कृषि विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में खोला गया पेस्टीसाइड का स्टॉक, 30 लीटर प्रतिबंधित दवा मिली
- कृषि विभाग के अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर होगी आगामी कार्रवाई
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। ऑनलाइन पेस्टीसाइड व खाद आदि बेचने को लेकर पेस्टीसाइड एसोसिएशन लंबे समय से संघर्ष कर रही है। इसको लेकर दुकानें बंद कर सरकार को ज्ञापन सौंप चुकी है। ऑनलाइन प्रतिबंधित पेस्टीसाइड बेचे जाने का मामला मंगलवार को सामने आया है। किसान नेता ने ऑनलाइन गुजरात फर्टिलाइजर से पेस्टीसाइड मंगवाया। कृषि विभाग के अधिकारियों ने जांच की तो प्रतिबंधित 30 लीटर दवा मिली। इसके बाद अधिकारियों की ओर से रिपोर्ट तैयार कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
भारतीय किसान एकता के प्रदेशाध्यक्ष लखविंद्र सिंह औलख ने ऑनलाइन गुजरात किसान फर्टिलाइजर कंपनी से प्रतिबंधित पेस्टीसाइड मंगवाया। शहर थाने में पेस्टीसाइड को लेकर शिकायत दी। शिकायत मिलने पर शहर थाना पुलिस ने उप निदेशक कृषि विभाग को सूचित किया और टीम भेजने को कहा। टीम की मौजूदगी में वीआरएल लोजिस्टक पार्सल के गोदाम में पेस्टीसाइड की कंपनी से आए माल को खोलकर जांचा गया।
एसडीओ अमित कुमार की अगुवाई में उनकी टीम ने जांच की। जांच के साथ ही बिल और पेस्टीसाइड मैटीरियल का मिलान किया गया। इस दौरान जांच में पाया गया कि ऑनलाइन के माध्यम से 10-10 लीटर की तीन पैकिंग में 30 लीटर प्रतिबंधित पेस्टीसाइड भेजा गया है। इस पेस्टीसाइड को भारत सरकार ने बैन किया हुआ है। हरियाणा में इसे नहीं बेचा जा सकता है।
इसी आधार पर अधिकारी अपनी रिपोर्ट तैयार रहे हैं। इसे पुलिस को सौंपा जाएगा। पुलिस इसी रिपोर्ट के आधार पर गुजरात की कंपनी के खिलाफ आगामी कार्रवाई अमल में लाएगी।
ऑनलाइन मिल रहा प्रतिबंधित व नकली प्रोडक्ट
किसान नेता लखविंद्र सिंह औलख ने कहा कि ऑनलाइन पर प्रतिबंधित हर प्रकार का प्रोडक्ट बेचा जा रहा है। इसको लेकर कोई नियम कानून नहीं है। धड़ल्ले से पेस्टीसाइड की दुकानों और किसानों तक यह पेस्टीसाइड पहुंच रहा है। ऑनलाइन होने वाली प्रतिबंधित पेस्टीसाइडों पर सरकार की निगरानी होनी चाहिए और यदि कोई कंपनी बेचती है तो उस पर कार्रवाई होनी चाहिए। हमने संबंधित कंपनी के खिलाफ थाने में शिकायत दी है।
कोटस
पुलिस ने हमें सूचित किया था कि किसान नेता ने प्रतिबंधित व नकली दवा को लेकर शिकायत दी है। शिकायत के आधार पर टीम ने किसान नेता की निगरानी में पार्सल के गोदाम में पार्सल खोल कर जांच की है। जांच में 30 लीटर प्रतिबंधित दवा मिली है। इसको लेकर रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को सौंप दी जाएगी। उसी आधार पर पुलिस को कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा।
-अमित कुमार, एसडीओ, कृषि विभाग