संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। नागरिक अस्पताल में 29 जनवरी को बच्चा बदलने के मामले में अब नवजात का डीएनए टेस्ट करवाया जाएगा। ऑपरेशन थियेटर के बाहर की दिखाई सीसीटीवी फुटेज से दंपती संतुष्ट नहीं है। ऐसे में सोमवार को विशेष मेडिकल बोर्ड का गठन कर दंपती के बयान दर्ज किए गए। अपने बयानों में नवजात के पिता और मां ने डीएनए टेस्ट करवाने की मांग की। अब नागरिक अस्पताल प्रशासन डीएनए करवाने की तैयारी में जुट गया है।
मामले की जांच कर रहे सिविल अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डाॅ. आरके दहिया ने बताया कि नवजात के परिजनों की शिकायत मिलने के बाद बोर्ड का गठन किया गया था। इस पूरे प्रकरण की जांच कर रहे हैं। स्टाफ तथा चिकित्सक व दंपती के बयान दर्ज किए गए। परिजनों को सीसीटीवी फुटेज दिखाई गई, लेकिन वह उससे भी संतुष्ट नहीं हुए। अपने बयान में शिकायतकर्ता दंपती ने नवजात के डीएनए की जांच करवाने की मांग की है। इसके लिए पुलिस को सूचित कर दिया गया है। मंगलवार को पुलिस की मौजूदगी में नवजात के सैंपल लेकर डीएनए जांच के लिए भिजवाए जाएंगे।
यह है मामला
खैरपुर निवासी तनु की 29 जनवरी को सिविल अस्पताल की एमसीएच विंग में सिजेरियन डिलीवरी हुई थी। नवजात के परिजनों का आरोप था कि डिलीवरी होने के बाद पांच घंटे तक वहां कार्यरत स्टाफ ने उन्हें बच्चे के बारे में कोई सूचना नहीं दी। पांच घंटे बाद नर्सरी से बच्चे को भेजने बारे में जानकारी दी गई। जब उन्होंने पता किया तो नर्सरी में बच्चे को एडमिट करने के संबंध में कोई एंट्री नहीं थी। परिजनों ने इस संबंध में सीएमओ को लिखित शिकायत दी थी कि ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक पर दुर्व्यवहार करने तथा बच्चा बदलने का आरोप लगाया था।