सिरसा। जिले में हर साल करीब 400 एचआईवी (एड्स) संक्रमित मरीज मिल रहे हैं। संक्रमण को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने विशेष अभियान चलाने की योजना बनाई है। स्वास्थ्य विभाग की एड्स कंट्रोल टीमों को गंभीरता के साथ संक्रमण के बढ़ते मामलों को कंट्रोल करने की दिशा में काम करने के लिए प्रेरित किया गया है।
आंकड़ों में सामने आया है कि नशे के लिए प्रयोग होने वाली सिरेंज का बहुआयामी प्रयोग और असुरक्षित यौन संबंधों के कारण सर्वाधिक मामले बढ़ रहे हैं। इसी कड़ी में शुक्रवार को नागरिक अस्पताल में एकीकृत परामर्श और परीक्षण (आईसीटीसी) विभाग की ओर से जिला प्रशिक्षण केंद्र में सघन एचआईवी के बारे में जागरूकता के तहत मीडिया कार्यशाला का आयोजन किया गया।
जिला क्षय रोग एवं एड्स नोडल अधिकारी डॉ. प्रतीक गोयल ने एचआईवी के प्रति चिंता जाहिर की। स्वास्थ्य विभाग की ओर से आने वाले दिनों में जागरूकता के तौर पर चलाए जाने वाले अभियान के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि एचआईवी एड्स के प्रति भ्रांतियों समाज में सबसे ज्यादा फैली हुई हैं।
इन भ्रांतियों को दूर करना जरूरी है, ताकि समाज में संक्रमित लोगों को बेहतर स्थान मिल सके। उन्हें डर कर अपना जीवन व्यतीत न करना पड़े। इसे दूर करने में जागरूकता अभियानों के साथ मीडिया का सहयोग जरूरी है। मीडिया के माध्यम से आजकल डिजिटल व प्रिंट प्लेटफॉर्म पर लोग एक्टिव रहते हैं। वहां पर वह हर चीज को गंभीरता से समझते हैं। इसलिए डिजिटल माध्यम का प्रयोग एचआईवी संक्रमण के प्रति जागरूकता के लिए करना बेहद जरूरी है।
पेंशन स्कीम के बारे में बताया
एआरटी विभाग से डाॅ. श्रेया एवं आईसीटीसी काउंसलर कमल निर्वाण ने संयुक्त रूप से एचआईवी एड्स के मरीजों को दी जाने वाली पेंशन स्कीम के बारे में बताया। मौजूदा समय में मरीजों को क्या सुविधाएं मिल रही हैं और उनका कितने मरीज फायदा उठा रहे हैं। इस संबंध में विस्तार से जानकारी दी। वहीं, मीडिया के माध्यम से इस कैंपेन को ज्यादा से ज्यादा सशक्त बनाने की अपील की। इस अवसर पर एआरटी विभाग से काउंसलर जगदीश राय, सुरेंद्र कौर सहित आदि स्टाफ सदस्य मौजूद रहे।
कॉलेज लेवल पर जानकारी होना बेहद जरूरी
डाॅ. श्रेया ने बताया कि आने वाले दिनों में आईसीटीसी विभाग की ओर से संघन एचआईवी एड्स जागरूकता अभियान के तहत जिले के सरकारी विभागों में युवाओं को जागरूक करने के उद्देश्य से कॉलेज लेवल पर गतिविधियां करवाई जाएंगी। इनमें पोस्टर मेकिंग, क्विज, वाद विवाद, भाषण, ड्रामा आदि शामिल हैं। ग्रामीण अंचल के लोगों को, गांव-गांव घूमकर आशा वर्कर की ओर से जागरूकता एवं टेस्टिंग शिविर लगाए जाएंगे। इसी प्रकार चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के एनएसएस यूनिट की ओर से गोद लिए गांवों में बच्चों की ओर से एचआईवी जागरूकता रैली, सेमिनार लगाए जाएंगे। इसके साथ-साथ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की ओर से भी इस जागरूकता अभियान का प्रचार व प्रसार किया जाएगा।
इस प्रकार रहा है हाल ही के वर्षों में आंकड़ा
वर्ष 2019 में 939 संक्रमित मिले।
वर्ष 2020 में 1327 संक्रमित मिले।
वर्ष 2021 में 1884 संक्रमित मिले।
वर्ष 2022 में 2365 संक्रमित मिले।
वर्ष 2023 में 2790 संक्रमित मिले।
वर्ष 2024 में 3109 संक्रमित मिले।
वर्ष 2025 में अब तक 3355 के करीब संक्रमित मरीज मिले।