गुरविक्रम जीत सिंह
सिरसा। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की मृदा व जल परीक्षण प्रयोगशाला में कर्मचारी की नियुक्ति नहीं होने से मृदा के नमूनों की जांच नहीं हो पा रही है। इसके कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों के नियुक्ति के इंतजार में विभाग ने बीते अप्रैल माह से मृदा जांच के आए 340 नमूने प्रयोगशाला में रखे हुए हैं।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की प्रयोगशाला में एनालिटिकल एसोसिएट के पांच पद बीते अप्रैल माह से रिक्त पड़े हैं। प्रयोगशाला में अप्रैल से लेकर जून माह तक विभाग के पास मृदा के 340 व जल के 260 सैंपल जांच के लिए पहुंचे थे। किसानों को परेशानी न हो इसलिए विभागीय अधिकारी डॉ. महावीर सिंह ने पानी जांच के लिए पिछले वर्ष कार्य अवधि समाप्त कर चुके कर्मचारियों को ही जिम्मेदारी सौंपी है। लेकिन मृदा जांच के लिए आए नमूनों के परिणामों का किसान इंतजार कर रहे हैं। किसानों द्वारा फोन कर विभाग अधिकारियों से सूचना ली जा रही है कि दिए गए नमूनों की रिपोर्ट कब तक आएंगी। मृदा रिपोर्ट न आने से किसानों को मृदा में किन तत्वों की कमी है इसकी जानकारी नहीं लग पा रही। जिसके कारण किसान खेतों में कौन से पोषक तत्व डाले इसे लेकर असमंजस में पड़े हुए हैं।
बता दें कि पूरे जिले के किसानों द्वारा अपनी जमीन की उर्वरा शक्ति की जांच के लिए अप्रैल से जुलाई माह में ही प्रयोगशाला में नमूने दिए जाते हैं। इन नमूनों की जांच कर कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा 72 घंटों के अंदर किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड दिया जाता है, जिसमें उक्त नमूने से संबंधित तत्वों की सारी जानकारी दर्ज होती है। हालांकि इस बार लॉकडाउन के कारण पिछले साल के मुकाबले केवल 10 फीसदी नमूने ही प्रयोगशाला में जांच के लिए पहुंचे हैं।
पानी के नमूनों की जांच के लिए पुराने कर्मचारियों को बुलाकर ही रिपोर्ट तैयार की जा रही है। जबकि मृदा के नमूनों को जांच करने में काफी समय लगता है। मुख्यालय के निर्देश अनुसार एनालिटिकल एसोसिएट के पांच रिक्त पदों पर सोमवार को नियुक्ति प्रक्रिया शुुरू की जाएगी। - डॉ. महावीर सिंह, मृदा परीक्षण अधिकारी, सिरसा