सिरसा। मुख्यमंत्री 12 सितंबर को सिरसा में कष्ट निवारण समिति की बैठक लेने पहुंचेंगे। उनके आगमन से पहले नगर परिषद ने शहर की सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने की कवायद तेज कर दी है।
प्रशासन का दावा है कि करीब 40 सफाई कर्मचारियों के काम पर लौटने के बाद प्रमुख क्षेत्रों में सफाई शुरू कर दी गई है। बुधवार को घर-घर कचरा उठाने के लिए 28 टिप्पर वार्डों में चलाए गए।
हालांकि हड़ताल कर रहे कर्मचारी इन गाड़ियों के साथ पहुंचकर काम नहीं करने की अपील कर रहे हैं। वे लोगों से भी हड़ताल में सहयोग करने की मांग कर रहे हैं। नगर परिषद चेयरमैन वीर शांति स्वरूप ने कहा कि करीब 40 एजेंसी और पेरोल कर्मचारी ड्यूटी पर लौट आए हैं। डंपिंग प्वाइंटों से कचरा उठाया जा रहा है। लोगों से भी सड़कों पर कचरा न फैलाने की अपील की गई है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश स्तर पर भी कर्मचारी काम पर लौट रहे हैं। कर्मचारियों की अधिकतर मांगें मान ली गई हैं। वहीं प्रधान मनोज अठवाल ने कहा कि कर्मचारियों को गुमराह किया जा रहा है। प्रशासन हड़ताल को कमजोर करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि सामाजिक संगठनों के साथ बैठक हो चुकी है और हड़ताल जारी रहेगी।
सफाई कर्मचारियों ने हड़ताल चार दिन और बढ़ाने का फैसला किया है। इससे नगर परिषद के सामने चुनौती बरकरार है। शहर में पहले से जमा कचरे के साथ रोज निकलने वाले कचरे का उठान भी जरूरी है। कई दिनों से घरों में कचरा जमा होने से लोग परेशान थे। गाड़ियां चलने से राहत मिली है।