सिरसा। नागरिक अस्पताल में करीब एक माह पहले हुए मॉक ड्रिल के दौरान इमरजेंसी के बाहर पांच से सात व्हीलचेयर और तीन से चार स्ट्रेचर उपलब्ध थे। लेकिन वर्तमान स्थिति की बात करें तो यहां पर न तो व्हील चेयर दिखाई देती है और न ही स्ट्रेचर। मरीजों को इमरजेंसी में ले जाने के लिए पहले तो परिजनों को कई स्थानों पर चक्कर काटने पड़ते हैं और अगर कुछ नहीं मिल पाता तो मजबूरन मरीज को हाथों में उठाकर उसे इमरजेंसी वार्ड में भर्ती करवाने के लिए लेकर पहुंचते है।
शुक्रवार को भी इमरजेंसी में कुछ यहीं स्थिति देखने को मिली। इमरजेंसी वार्ड में दोपहर के समय एंबुलेंस में परिजन मरीज को लेकर पहुंचे। लेकिन यहां पर काफी समय तक वह व्हील चेयर की तलाश में परिजन एक जगह से दूसरी जगह पर भटकते रहे। इसके बाद जब व्हील चेयर नहीं मिली तो वह स्ट्रेचर तलाश कर वहां पर लेकर पहुंचे। जैसे तैसे कर परिजनों ने मरीज को स्ट्रेचर पर लिटाया और आईसीयू वार्ड में भर्ती करने के लिए लेकर पहुंचे।
रेफर करने मामले को लेकर बढ़ी सख्ती, तो वार्ड में दाखिल होने लगे मरीज
डॉक्टरों की ओर से मरीजों को प्राथमिक उपचार देकर रेफर किए जाने वाले मामले को लेकर अधिकारियों की ओर से नियुक्त की गई टीम जांच कर रही है। जिसके बाद अब नागरिक अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भी दाखिल होने वाले मरीजों की संख्या बढ़ना शुरू हो चुकी है। जिससे मरीजों को भी अब नागरिक अस्पताल में ही उपचार मिलने लगा है। जबकि इससे पहले इमरजेंसी वार्ड में इक्का दुक्का मरीज ही दाखिल होता था।
मॉक ड्रिल के दौरान दिखी थी बेहतर व्यवस्था, तैनात दिखे थे सभी कर्मचारी
कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से करीब एक माह पहले नागरिक अस्पताल में मॉक ड्रिल की गई थी। जिसके दौरान यहां पर डॉक्टर, नर्स व चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी तैनात दिखाई दिए थे। मरीजों को एक जगह से दूसरी जगह पर लाने व ले जाने के लिए उपकरण और अन्य संसाधन भी ठीक दिखाई दिए। लेकिन अब तलाश करने पर भी मरीजों को सुविधा नहीं मिल पाती है।
इमरजेंसी वार्ड में मरीजों को बेहतर सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। मरीजों के लिए सभी प्रकार के उपकरण उपलब्ध है। अगर किसी तरह की शिकायत आती है जांच करवाई जाएगी।
-डॉ. बुधराम, उप सिविल सर्जन, सिरसा
नागरिक अस्पताल में खाली पड़ी व्हीलचेयर - फोटो : Sirsa