सिरसा। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से चौधरी देवीलाल यूनिवर्सिटी में पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सीडीएलयू के एनएसएस और यूथ रेडक्रॉस की सहायता से आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डीएसपी धर्मवीर सिंह शामिल हुए। ट्रैफिक एसएचओ बहादुर सिंह के साथ-साथ एनएसएस की कोर्डिनेटर प्रो. आरती गौड़ भी उपस्थित रही। अमर उजाला के हिसार जोन के संपादकीय प्रभारी अमरनाथ प्रसाद ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। मंच संचालन जनसंपर्क निदेशक डॉ. अमित सांगवान ने किया।
बुधवार को सीडीएलयू के सीवी रमन भवन स्थित सेमिनार हॉल में वीसी प्रो. अजमेर सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना के साथ हुई। मुख्य अतिथि डीएसपी धर्मवीर सिंह और ट्रैफिक एसएचओ इंस्पेक्टर बहादुर सिंह ने विद्यार्थियों को नशा से दूर रहने, यातायात नियमों का पालन करने और साइबर क्राइम से बचने के लिए पाठ पढ़ाया। इस दौरान विद्यार्थियों ने सवाल पूछकर अपनी जिज्ञासाओं को भी शांत किया। विशिष्ठ अतिथि के रूप में अमर उजाला हिसार जोन के संपादकीय प्रभारी अमरनाथ प्रसाद मौजूद रहे। साथ ही एनएसएस कॉर्डिनेटर व प्रबंधन विभाग की अध्यक्षा आरती गोड़ की देखरेख कार्यक्रम का संचालन किया। मंच संचालन करते हुए जनसंपर्क निदेशक डॉ. अमित सांगवान ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी नशे की लत में लग आपराधिक गतिविधियों में शामिल होते है।
डीएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि चालान काटना सरकार के खजाने भरना नहीं है बल्कि नियमों का पालन करवाना है। आज चोर डिजिटल तरीके से चोरी करते है। किसी भी अज्ञात को अपनी गुप्त जानकारी साझा ना करें। उन्होंने कहा कि साइबर क्राइम जैसी घटनाओं को रोका जा सकता है। अगर आपके आस-पड़ोस कोई नशा बेचता है या कोई खरीदता है तो पुलिस को सूचित करें। पुलिस सूचना देनेे वालों के नाम गुप्त रखेगी और कार्रवाई करेगी। ट्रैफिक एसएचओ इंस्पेक्टर बहादुर सिंह ने विद्यार्थियों को कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को यातायात नियमों का तो पता है। लेकिन इसके बावजूद कई बार नियमों की अनदेखी करते हैं। उन्होंने आह्वान किया कि विद्यार्थी स्वयं भी यातायात नियमों का पालन करें और दूसरों को भी प्रेरित करें। ताकि सड़क हादसों को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि कई बार वाहन चालक बुलेट पर पटाखे छोड़ते हैं और दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट का प्रयोग नहीं करते। उन्हें कानून का कोई डर नहीं है। ट्रैफिक एसएचओ ने कहा कि हमारा मकसद चालान करना नहीं बल्कि युवा वर्ग को हादसों से सुरक्षित रखना है। यातायात नियमों के बारे में एक अनपढ़ को कैसे बताए जब पढ़े लिखे विद्यार्थी ही उसे नहीं मानते। प्रो. आरती गौड़ ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए नशे से बचने और यातायात नियमों का पालन करने के लिए आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी समाज में जाकर दूूसरों को भी जागरूक कर सकते हैं। इस अवसर पर एनएसएस कोर्डिनेटर प्रबंधन विभाग की अध्यक्षा प्रो. आरती गौड़, जनसंपर्क निदेशक डॉ. अमित सांगवान, प्रोग्राम ऑफिसर डॉ. गीता राठी, डॉ. रोहतास, डॉ. कमलेश, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रविंद्र कुमार उपस्थित रहे।
नशे की बढ़ती लत युवा पीढ़ी के पतन का कारण : अमरनाथ
अमर उजाला के हिसार जोन के संपादकीय प्रभारी अमरनाथ प्रसाद ने कहा कि अमर उजाला अखबार का खास फोकस युवाओं पर रहता है। नशा समाज को खोखला करता जा रहा है। सरकार, प्रशासन, मीडिया की प्राथमिकता नशे पर प्रहार करना है। नशे का संबंध कही ना कही अपराध से है। नशे की गिरफ्त में आते हुई युवा नशे की पूर्ति के लिए अपराध करने लगते है। अमर उजाला का अभियान है कि ऐसे युवाओं को रोल मॉडल बनाकर सबके सामने लाया जाए जो नशे की गिरफ्त से बाहर निकले हो। उन्होंने कहा कि अगर जिंदगी में किसी चीज का नशा करना है ऐसा करो कि समाज के लिए अच्छा हो। नशा मेहनत का करो ताकि सूर्य चढ़ने और अस्त होने का भी पता ना चले। जब आंख खुले तो एक खुद को एक अच्छे मुकाम पर खड़ा पाओ।
यातायात नियमों को लेकर ये दिए टिप्स
-- हाईवे पर वाहन को निर्धारित स्पीड पर ही चलाएं।
-- दोपहिया वाहन पर ट्रिपल राइडिंग कभी ना करें।
-- अभिभावक ट्रैफिक नियमों की पालना नही करते तो विद्यार्थी उन्हें टोक दें।
-- हेलमेट पहनकर दोपहिया वाहन पर बैठें, इससे सिर की सुरक्षा होगी।
-- वाहन चलाते समय मोबाइल का प्रयोग ना करें और न किसी को करने दें।
-- बंद फाटक के नीचे से कभी भी निकलने का प्रयास ना करें।
-- गाड़ी जितनी मर्जी महंगी हो सेंसर तभी काम करेंगे जब सीट बेल्ट पहनी होगी।
नशा बेचता या खरीदा दिखे तो पुलिस को करे सूचित : डीएसपी
डीएसपी धर्मवीर सिंह ने कहा कि नशे की खरीद-फरोख्त करने वालों पर प्रहार करने के लिए विद्यार्थियों को आगे आना होगा। पुलिस गांव व शहर के प्रत्येक घर की जानकारी नही रख सकती। इसलिए विद्यार्थी पुलिस की आंख, कान और नाक बनें। आपके घर के पास अगर कोई नशा तस्कर क िसी भी प्रकार नशा बेचता है तो पुलिस को सूचित करें पुलिस बिना नाम बताए नशा तस्करों पर कारवाई करेगी।
साइबर क्राइम का शिकार होने से बचने के लिए बने समझदार: एसएचओ
यातायात एसएचओ इंस्पेक्टर बहादुर सिंह ने कहा कि समझदारी से साइबर क्राइम होने से बचा जा सकता है। कभी भी किसी भी सार्वजनिक स्थानों पर अपने बैंक खाते, ओटीपी,आधार कार्ड नंबर जैसी गुप्त जानकारी किसी भी अज्ञात व्यक्ति या सार्वजनिक स्थलों पर साझा ना करे। अगर मोबाइल पर पैसे संबंधित कोई लिंक आता है तो उसे बिना जानकारी के ना खोले। ऐसी छोटी-छोटी समझदारियों से साइबर क्राइम का शिकार होने से बचा जा सकता है।
डर से होता है ट्रैफिक नियमों को पालन
रेड लाइट पर अगर पुलिसकर्मी खड़ा हो तो वाहन चालक लाइट जंप नहीं करते, नहीं तो साइड से निकालकर ले जाते हैं। कानून सब जगह एक है लेकिन पालना केवल डर से होती है। चंडीगढ़ में प्रवेश करने से पहले जीरकपुर के पास बेल्ट पहनकर गाड़ी चलाते हैं क्योकि पता है चंडीगढ़ में प्रवेश करते ही चालान कट जाएगा और गाड़ी को कोई रोकेगा भी नहीं।
विद्यार्थियों ने पूछे सवाल, जिज्ञासाएं की शांत
प्रश्न-- भूगोल संकाय की सोनिया ने पूछा कि ड्रग्स का नशा तेजी से समाज में फेल रहा है, अब हर घर में बिक रही है।
उत्तर, अगर कोई व्यक्ति नशा बेचता है तो तुरंत पुलिस हेल्पलाइन नंबर पर फोन कर सूचना दें। पुलिस कार्रवाई करेगी।
प्रश्न-- शालिनी ने पूछा कि जब हम रोड टैक्स देते हैं तो सड़क पर आवारा पशु क्यों घूम रहे हैं।
उत्तर-- नप द्वारा आवारा पशुओं को पकड़कर केलनिया गोशाला में भेजा जा रहा है।
प्रश्न -- कॉमर्स विभाग के हरविंद्र ने पूछा कि साइबर क्राइम को कैसे रोकें।
उत्तर -- किसी भी अज्ञात व्यक्ति के साथ बैंक खातों व ओटीपी की जानकारी साझा करने से बचें।
कार्यक्रम में साइबर क्राइम से बचने के लिए महत्वपूर्ण जानकारियां दी गई है। भविष्य में इसे याद रखूंगी और दूसरों को भी जागरूक करूंगी। पूजा।
पुलिस की पाठशाला में सीखा की जिंदगी कितनी कीमती है। कुछ क्षण की जल्दबाजी जान ले लेती है और उस दुर्घटना का शिकार होने वाले कभी भी वापिस नहीं आते। परिवार के सदस्यों को ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक करूंगी।
मनप्रीत
कार्यक्रम में सीखा कि नशा लेने वाले किसी तरह से आपराधिक गतिविधियों में शामिल हो जाते हैं। अपने दोस्तों व परिजनों को नशा करने से रोकूंगी और दूसरों को जागरूक करूंगी।
पूनम
गांवों में जिन जिन जगहों पर नशा बिकता है उनकी सूचना कार्यक्रम के दौरान दिए गए हेल्पलाइन नंबरों करूंगा। ताकि पुलिस नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई कर सके।
हरविंद्र
परिजनों को कभी भी शराब पीकर गाड़ी नहीं चलाने दूंगी। वाहन चलाते समय ट्रैफिक नियमों का पालन व सीट बेल्ट का प्रयोग करूंगी।
शालिनी
बॉक्स
कार्यक्रम के दौरान जैसा बताया गया कि साइबर क्राइम से बचने के लिए गुप्त जानकारी साझा ना करें। इसे अब अभिभावकों के साथ अपने दोस्तों के साथ भी साझा करूंगी।
एकता
शानदार रहा कार्यक्रम, विद्यार्थियों में दिखा उत्साह : प्रो. आरती गौड़
अमर उजाला की ओर से आयोजित कार्यक्रम शानदार रहा। एनएसएस और यूथ रेड क्रॉस के सहयोग से आयोजित इसकार्यक्रम ने विद्यार्थियों को जागरुक करने का काम किया है। विद्यार्थी उत्साहित नजर आए हैं। आगे भी हमारा प्रयास रहेगा कि अमर उजाला फाउंडेशन के साथ मिलकर अभियान चलाएं। सीडीएलयू ने पांच गांवों को गोद ले रखा है, अब उन गांवों में जाकर कार्यक्रम करेंगे।
-प्रो. आरती गौड़, कॉर्डिनेटर, एनएसएस, यूथ रेड क्रॉस, सीडीएलयू।
ऐसे कार्यक्रम आयोजित होते रहने चाहिएं : वीसी
अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम की शुरुआत सराहनीय है। एनएसएस और यूथ रेड क्रॉस ऐसे कार्यक्रम करवाती रहती हैं। ऐसे कार्यक्रमों से ही विद्यार्थियों में जागरूकता पैदा की जा सकती है। यदि विद्यार्थी जागरूक होंगे तो समाज जागरूक होगा। विद्यार्थी आने वाले समय में समाज के बुद्धिजीवी बनेंगे और सुधार आएगा।
- प्रो. अजमेर सिंह मलिक, वीसी, सीडीएलयू, सिरसा।