संवाद न्यूज एजेंसी
ओढां। असफलता से घबराएं नहीं, दृढ़ निश्चय और कड़ी मेहनत से एक दिन सफलता जरूर मिलेगी। यह संदेश युवा आईएएस अफसर जोगेंद्र सिहाग ने गांव नुहियांवाली स्थित नुहियांवाली पब्लिक स्कूल में विद्यार्थियों को दिया।
22 अप्रैल को घोषित हुए यूपीएससी के परीक्षा परिणामों में जोगेंद्र सिहाग ने देशभर में 521वां रैंक हासिल किया था। इनके सम्मान में बुधवार को स्कूल में समारोह आयोजित किया गया। विद्यालय में पहुंचने पर स्कूल प्रबंधन ने उनका फूल माला डालकर व पगड़ी पहनाकर स्वागत किया। स्कूल के निदेशक वकील गोदारा ने कहा कि उन्हें गर्व है कि उनके संस्थान के छात्र रहे जोगेंद्र आज एक उच्च पद पर सेवाएं देंगे। उन्होंने कहा कि जोगेंद्र ने अपनी मेहनत से यह साबित कर दिखाया कि हिम्मत, हौसले और दृढ़ विश्वास के आगे कुछ भी नामुमकिन नहीं है।
सेवानिवृत्ति खंड शिक्षा अधिकारी भूप सिंह बिरडा व हरमेल सिंह ने कहा कि जोगेंद्र की आईएएस पद पर नियुक्ति संस्थान के साथ जिले के लिए के गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि जोगेंद्र उन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं, जो विपरीत परीक्षा परिणाम के बाद हौसला हार जाते हैं।
नुहियांवाली के नंबरदार आत्माराम व नरेंद्र नैन खारिया ने कहा कि एक विद्यार्थी के लिए इससे बड़ी गौरव की बात और क्या हो सकती है कि जिस संस्थान में वे पढ़े हो और उच्च अधिकारी बन उसी संस्थान में मुख्य अतिथि बनकर आए।
इस अवसर पर सुमन गोदारा, सुरेंद्र सिहाग बनवाला, कालूराम सिहाग, डाॅ. शुभम मेहता, सरपंच प्रतिनिधि प्रदीप बेनीवाल पन्नीवाला मोटा, मदन लाल गोदारा, मास्टर जगदीश सिंहपुरा,, प्राचार्य अजय कुमार, कुलदीप सहू, व रईस गेदर सहित अनेक लोग मौजूद थे
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सफलता में अध्यापक का अहम रोल : जोगेंद्र
आईएएस जोगेंद्र सिहाग ने कहा कि की वैसे तो एक विद्यार्थी के जीवन में प्रथम तौर पर माता-पिता का अहम रोल होता है, लेकिन उससे ज्यादा एक अध्यापक का रोल होता है। माता-पिता छात्र को स्कूल में भेज सकते हैं, लेकिन एक अध्यापक उस छात्र की सफलता की नींव का मजबूत निर्माण करता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान करते हुए कहा कि मुकाम हासिल करने में कई बार असफलता का सामना करना पड़ जाता है, लेकिन इससे न घबराएं, उसे चुनौती के रूप में लेते दृढ़ इरादे के साथ आगे बढ़ें, एक दिन सफलता अवश्य मिलेगी।
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विद्यार्थियों ने किया संवाद..
समारोह के दौरान छात्रों ने अपने आदर्श जोगेंद्र से कई सवाल किए और उनके जीवन के अनुभवों से सीखने की कोशिश की। जोगेंद्र ने कहा कि अगर आप अपने माता-पिता के सपनों को पूरा करना चाहते हैं, तो सबसे महत्वपूर्ण है आपका इरादा और संघर्ष। अगर इरादा मजबूत हो तो कोई भी मुश्किल बड़ी नहीं होती। उन्होंने छात्रों से कहा कि आजकल के दौर में मोबाइल और सोशल मीडिया एक बड़ी चुनौती बन चुके हैं। पढ़ाई में ध्यान लगाने के लिए जरूरी है कि सोशल मीडिया से दूरी बनाई जाए। मैंने 2021 के बाद से मोबाइल का उपयोग बिलकुल कम कर दिया था।
बच्चे सेल्फी लेने के लिए दिखे उत्सुक
कार्यक्रम में जोगेंद्र के सहपाठी और छात्र उनसे सेल्फी लेने के लिए उतावले नजर आए। सभी ने एक-दूसरे के साथ खुशी से पल बिताए। जोगेंद्र ने भी छात्रों के साथ अपने विचार साझा किए और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। आयोजन के दौरान, ओलंपियाड में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले छात्रों को भी सम्मानित किया गया।