सिरसा। महिला थाने के बाहर विस्फोटक हमले के मामले में एसआईटी ने धीरज को हमले का मुख्य आरोपी बनाया है। पूछताछ में उसने कबूल किया है कि बंगलूरु में रहते हुए वह सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी और उसके साथियों के संपर्क में आया था। शहजाद भट्टी के ही कहने पर उसने व उसके साथियों ने महिला थाने के बाहर विस्फोटक हमला किया।
उधर, आरोपी धीरज, विकास, संदीप व सुशील से अमृतसर में निशानदेही कराने के बाद वीरवार को एसआईटी सिरसा लौट आई। शुक्रवार को इनके सहित पांच आरोपियों की रिमांड अवधि समाप्त हो रही है, ऐसे में अदालत में पेश कर रिमांड अवधि बढ़ाने की मांग की जाएगी सूत्रों के अनुसार राष्ट्रीय जांच एजेंसी भी इस मामले की गंभीरता को देखते हुए शुक्रवार को सिरसा पहुंच रही है। एनआईए प्रोडक्शन वारंट पर आरोपियों को अपनी हिरासत में लेकर अलग से पूछताछ कर सकती है। पुलिस ने इस मामले में शुरुआत में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था जिन्हें 27 नवंबर को अदालत ने 5 दिसंबर तक रिमांड पर भेजने के निर्देश दिए थे। इनसे पूछताछ के बाद एक और आरोपी गुरुग्राम से शहजाद को गिरफ्तार किया था, जिससे अभी पूछताछ की जा रही है। एसआईटी ने 8 दिन की रिमांड अवधि में कई अहम सबूत और गवाह जुटाए हैं, लेकिन अभी तक यह पता नहीं चल सका है कि आरोपियों को विस्फोटक कौन शख्स देकर गया।
विदेश से 200-500 की ट्रांजेक्शन
जांच में पता चला है कि आरोपियों को हमला करने की एवज में 50 हजार रुपये दिए गए थे। 20 हजार रुपये नकद और बाकी छोटी-छोटी राशि 200, 500 और 2000 रुपये ऑनलाइन उनके खातों में ट्रांसफर की गई। इतनी छोटी ट्रांजेक्शन कनाडा या पाकिस्तान से होने की बात पुलिस के गले नहीं उतर रही है।
पंजाब पुलिस की सूचना पर हरकत में आई पुलिस
बता दें कि 25 नवंबर की रात करीब सवा दस बजे महिला थाने के मुख्य गेट के बाहर जोरदार धमाका हुआ था। हैरानी की बात यह रही कि सिरसा पुलिस को इसकी खबर तक नहीं थी। पंजाब पुलिस ने देर रात सिरसा पुलिस को सूचना दी कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में सिरसा महिला थाने पर हमला होने की बात कही जा रही है। इसके बाद पुलिस हरकत में आई।