सिरसा। जिले भर में पंजीकृत 160 के लगभग गोशालाएं है। सिरसा के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में गोशालाओं का संचालन किया जा रहा है। कड़ाके की ठंंड के चलते गोशालाओं में विशेष व्यवस्था देखने को मिल रही है। वहीं बीमार और हादसों के कारण घायल गायों का बड़े स्तर पर उपचार शहर में किया जा रहा है। ऐसी ही डबवाली रोड स्थित श्री श्याम गोशाला और उपचार आश्रम, जहां पर बीमार और हादसों में घायल 350 के करीब पशुओं का उपचार व देखभाल की जा रही है।
धुंध व अन्य कारणों से हादसों का शिकार हुए पशुओं का उपचार भी इस आश्रम में किया जाता है। पूरी तरह से ठीक होने के बाद उन्हें गोशाला में भेज दिया जाता है। बीमार व घायल पशुओं के उपचार के लिए आश्रम में दो वार्ड बनाए हुए हैं। पहला वार्ड आईसीयू और दूसरा रिकवरी वार्ड है। जिनमें पशुओं का इलाज किया जा रहा है। आश्रम में 35 से 40 पशुओं का इलाज चल रहा है। आश्रम में प्रतिमाह 100 के करीब पशुओं का इलाज किया जाता है।
पशु चिकित्सकों के अनुसार सर्द मौसम में पशुओं में निमोनिया, बुखार के लक्षण सबसे ज्यादा मिलते हैं। इसके अतिरिक्त पशुओं में हाइपोथर्मिया भी मिल रहा है। कई बार पशुओं को समय पर उपचार नहीं मिलने से उनकी मौत हो जाती है।
गोशाला में ये है व्यवस्था
1. गायों के लिए तीन शेड बनाए हुए हैं।
2 शेड पर पर्दे लगाए हुए हैं ताकि हवा अंदर न जाए।
3. रात के समय गर्मी पैदा करने के लिए मर्करी लाइटें लगाई गई हैं।
5. पशुओं को ठंड से बचाने के लिए कपड़ा डाला जाता है।
4 पराली और तुड़ी दोनों की व्यापक व्यवस्था की गई है।
5 पशुओं के स्थान को साफ सुथरा व सूखा रखा जाता है।
6 सर्दी के समय पशुओं को दलिया, खल व गुड के पेड़े खिलाए जा रहे हैं।
बेसहारा पशुओं के उपचार के साथ उन्हें गोशाला में रखने की व्यवस्था हमने बनाई हुई है। सर्द मौसम को देखते हुए विशेष रूप से व्यवस्था की जाती है। हमारी चिकित्सकों की टीम नियमित रूप से पशुओं की जांच करती है। वहीं बीमार और घायल पशुओं का उपचार किया जाता है। कमल सोनी , प्रधान श्री श्याम गोवंश उपचार आश्रम।