सिरसा। बेगू रोड स्थित वीटा मिल्क प्लांट प्रबंधन ने दुग्ध समितियों पर नकेल कसनी शुरू की तो दुग्ध समितियों की सच्चाई सामने आने लगी है। मिल्क प्लांट के नये चेयरमैन चरणजीत सिंह ने विशेष टीमों से निरीक्षण करवाया तो तीन दुग्ध समितियों पर गाज गिरी है और उन्हें बंद कर दिया गया है। हैरानी की बात यह है कि सात लाख रुपये प्रतिदिन के हिसाब से समितियां वीटा मिल्क से कमा रही थी। जबकि उनके दुग्ध की गुणवत्ता उस पैमाने पर खराब नहीं उतर रही थी।
अधिकारियों की माने तो समितियां किसानों को वीटा मिल्क प्लांट में भेजे जाने वाले आकड़ों के आधार गुमराह कर रही थीं। जिसके चलते कम फैट वाले दूध को महंगे दामों पर बाजार में बेचा जा रहा है। हालांकि विरोध के बाद प्लांट की ओर से 42 समितियों का पैसा जारी किया जा चुका है।
बता दें कि नए चेयरमैन आने के बाद समितियों के गोलमाल पर शिकंजा कसना शुरू हुआ है। जहां दुग्ध समितियों की ओर से दूध में फैट का पैमाना 8 से 11 तक भरकर भेजा जा रहा है। वहीं प्लांट की जांच में इसमें 4 से 5 प्वाइंट का अंतर आ रहा है। ऐसे में प्लांट की ओर से पांच से छह टीमें बनाकर निरीक्षण का कार्य शुरू कर दिया गया। ऑन द स्पोर्ट सैंपल लेकर उनकी फैट जांची गई। जिसमें बड़े स्तर पर गड़बड़ी पाई गई। जिसके बाद कार्रवाई स्वरूप तीन समितियों को बंद कर दिया गया और बाकी समितियों की फैट में कटौती कर दी। अधिकारियों की माने प्रतिदिन साल लाख रुपये का अतिरिक्त पैसा पूर्व में दुग्ध समितियों को जाता था। जिस पर रोक लगा दी गई है और कटौती का कार्य जारी है।
ये है स्थिति
कुल दुग्ध समितियां - 289 समितियां
वीटा प्लांट ने दुग्ध समितियों को पैसा देना है - करीबन 14 करोड़
वीटा प्लांट ने पूर्व में सरकार से लिया हुआ लोन - 69 करोड़ रुपये
वीटा प्लांट का मौजूदा समय में लोन पास हुआ है - 80 करोड़ रुपये ।
मौजूदा समय में प्लांट में स्टॉक है 50 करोड़ रुपये का
इतना मिलता है फैट
गाय की दूध में फैट मिल रही है - 4.3
भैंस के दूध में फैट मिल रही है - 6.5
यह है नियम
हर दस से 15 दिनों में विभाग की ओर से समितियों को पेमेंट जारी की जाती है। विवाद के बाद एक दिसंबर से 10 दिसंबर की पेमेंट जारी कर दी गई है। लेकिन अभी भी एक माह पेमेंट देरी से चल रही है।
दुग्ध समितियाें को पेमेंट दुग्ध की गुणवत्ता के अनुरूप जारी की जा रही है। सरकारी विभागों में बड़े स्तर पर पेमेंट बकाया है, जो जल्द ही आने की उम्मीद है। समितियों का नियमानुसार जो पैसा बनेगा जारी किया जाएगा। प्लांट के साथ गड़बड़ी करने वाली समितियों के खिलाफ कार्रवाई जारी है।
चरणजीत सिंह, चेयरमैन, वीटा मिल्क प्लांट।