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Sirsa News: डेरा की जमीन अटकी विकास की राह में, 15 साल से नहीं बनी गलियां

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रानियां। प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करते परेशान कॉलोनीवासी। संवाद
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रानियां। गांव जीवन नगर की नई कॉलोनी के लोगों ने गलियां पक्की न बनने पर ग्राम पंचायत व पंचायती राज विभाग के खिलाफ शनिवार को प्रदर्शन कर नारेबाजी की। मोहल्लावासियों ने कहा कि अगर संबंधित विभाग या ग्राम पंचायत ने जल्द उनकी समस्या का समाधान नहीं किया तो वह बड़ा कदम उठाने को मजबूर होंगे।
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जिस जगह में कॉलोनी कटी हुई है, वह मस्तानगढ़ व नामधारी की डेरे के नाम पर है। ऐसे में समस्या का समाधान करने में परेशानी आ रही है।मोहल्लावासी हरमीत सिंह, नछत्तर सिंह, सुखदेव सिंह, सुखविंदर सिंह, बनवारी नंबरदार व मनोज कुमार सहित अन्य ने बताया कि उनकी कॉलोनी में करीब 80 घर बने हुए हैं। इनको गांव से जोड़ने वाली दो गलियां करीब 15 सालों से कच्ची पड़ी हैं। ये गलियां करीब साढे 22 फीट चौड़ी व पांच एकड़ लंबी है।

इन गलियों में अभी तक न तो स्वच्छ पेयजल की पाइपलाइन है, न गंदे पानी की सीवर लाइन है और न ही ये गलियां इंटरलॉक बनाई गई हैं। गलियां कच्ची होने से बरसात के समय कीचड़ से भरी रहती है और इनमें गहरे गड्ढे बन जाते हैं। इस कारण मोहल्ले के बच्चों, महिलाओं व बुजुर्गों को यहां से गुजरने में बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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मोहल्लावासियों ने बताया कि अपनी समस्या को लेकर उन्होंने कई बार मौजूदा व पूर्व ग्राम पंचायत, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी रानियां, तहसीलदार, दोनों डेरा प्रबंधकों, स्थानीय नेताओं और विधायकों से बात कर चुके हैं लेकिन अभी तक उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ है।




-यह जमीन पहले डेरा मस्तानगढ़ व डेरा नामधारी की थी। करीब 15 से 20 वर्ष पहले दोनों डेरों ने इस जमीन पर रिहायशी प्लाॅट काटे। लोगों ने इनकी अपने नाम रजिस्ट्री तो करवा ली, लेकिन गलियों की जगह अभी भी डेरों के नाम है। इस वजह से अभी तक यह गलियां कच्ची हैं। ग्राम पंचायत खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी व डेरा प्रबंधक कमेटी से संपर्क कर जल्द मोहल्ले वासियों की समस्या का समाधान करने का कार्य करेगी। - बलजीत सिंह चहल, सरपंच प्रतिनिधि, जीवन नगर।
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