संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। सार्वजनिक परिवहन से संबंधित समस्याओं को लेकर मंगलवार को जनवादी महिला समिति, किसान सभा, सीआईटीयू व सर्व कर्मचारी संघ सिरसा के सदस्य ने परिवहन मंत्री अनिल विज के नाम रोडवेज महाप्रबंधक को संयुक्त ज्ञापन दिया गया। ज्ञापन में सरकारी बसों की संख्या बढ़ाने सहित अन्य मांगों को उठाया गया है।
ज्ञापन में बताया गया कि महिलाओं के लिए सरकारी परिवहन के साधन विशेषकर बसें बहुत महत्वपूर्ण हैं। महिलाएं पढ़ाई, नौकरी या अन्य किसी काम के संदर्भ में कहीं आने-जाने के लिए बसों को तरजीह देती हैं। रोडवेज के बढ़ते निजीकरण तथा परिवहन संचालन में लैंगिक दृष्टि न होने के कारण स्थिति गंभीर होती जा रही है। बसों की संख्या कम होने की वजह से भारी भीड़ होती है। महिलाओं के लिए आरक्षित सीटें भी नहीं मिलती। गर्भवती, बुजुर्ग, दिव्यांग और बच्चे को गोद में लिए महिलाएं खड़े होकर सफर करती हैं।
इस स्थिति में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में ज्ञापन के जरिए मांग की गई है कि सार्वजनिक परिवहन को महिलाओं के लिए सुरक्षित और सुलभ बनाने के लिए रोडवेज के निजीकरण को रोका जाए। किराये पर निजी बसों को चलाने की नीति को रद्द किया जाए। सरकारी बसों की संख्या बढ़ाई जाए। प्रत्येक जिले में हर गांव तक व शहर के अंदर सार्वजनिक परिवहन की सुविधा उपलब्ध करवाई जाए। महिलाओं के लिए आरक्षित सीटें उन्हीं के लिए सुनिश्चित की जाएं। बस स्टैंड पर शौचालय निशुल्क व साफ हो। महिला प्रतीक्षालय में सुरक्षा और सफाई सुनिश्चित की जाए। बसों में सीसीटीवी और आपातकालीन बटन लगाए जाएं।
फरवरी में राज्य सरकार ने नेशनल काउंसिल फॉर वोकेशनल ट्रेनिंग ट्रेड में प्रशिक्षण ले रहे आईटीआई के 40 हजार विद्यार्थियों की निशुल्क बस पास की सुविधा बंद कर दी। इन छात्रों में 20 हजार छात्राएं हैं। इस फैसले को रद्द करके मुफ्त बस पास सुविधा बहाल की जाए। प्रतिनिधि मंडल में किसान सभा से सुरजीत सिंह, सीटू से कृपाशंकर त्रिपाठी,आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स यूनियन से प्रमिला रानी ,वीरो, आशा वर्कर्स यूनियन से दर्शना, जनवादी महिला समिति से बलबीर कौर व नीलम आदि थे।