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Sirsa News: दिल्ली की कंपनी ने गांव बकरियांवाली में भरे खेतों की मिट्टी व पानी के 20 सैंपल

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 गांव बकरियांवाली में 9 इन्वायरमेंट की टीम मिट्टी के सैंपल लेते हुए।
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सिरसा। गांव बकरियांवाली में दिल्ली से आई एक एजेंसी ने किसानों से संपर्क कर प्लांट के साथ लगते उनके खेतों की मिट्टी व पानी के सैंपल भरें। दो घंटे तक टीम गांव में रही और कचरा निस्तारण प्लांट के बारे में विस्तार से जानकारी ली।
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दिल्ली की 9-इन्वायरमेंट कंपनी की पांच सदस्यीय टीम सोमवार को बकरियांवाली कचरा निस्तारण प्लांट में पहुंचे। कंपनी के सदस्य सुबह 11 बजे के करीब गांव में पहुंची। उन्होंने कचरा निस्तारण प्लांट के साथ लगते एक किलोमीटर के दायरे के सैंपल भरे। टीम सदस्यों ने मिट्टी के दस और पानी के भी 10 सैंपल भरे गए। हालांकि शुरुआत में कचरा निस्तारण प्लांट के साथ आगे की ओर हरियाली एरिया से टीम के सदस्यों ने सैंपल भरने शुरू किए। किसानों ने इसका विरोध जताया तो टीम के सदस्यों ने किसानों के कहें अनुसार प्लांट की चाहरदीवारी के साथ- साथ लगते खेतों से सैंपल लेने का कार्य किया।
ग्रामीणों ने प्लांट को लेकर जताया विरोध
रमेश, सुभाष, विनोद कुमार,महेंद्र ,सुरजीत व मुकेश कुमार ने विरोध जताते हुए कहा कि कचरा निस्तारण प्लांट की वजह से उनकी जमीन खराब होने लगी है। कचरा प्लांट में हजारों मीट्रिक टन कचरा पड़ा है। दसका बुरा असर गांव और हमारे खेतों को हो रहा है। हमने विरोध जताया है और वाहनों को प्लांट में नहीं जाने दिया है। हमारी प्रशासन से मांग है कि कचरा प्लांट में पड़े सालों पुराने कचरे व नए कचरे का तेजी से निपटान किया जाएगा। यहां पर नियमानुसार व्यवस्था बनाई जाए, ताकि किसी तरह का ग्रामीणों और भूमि को नुकसान न पहुंचे।
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एनजीटी से लेकर मुख्यमंत्री तक को कर चुके हैं शिकायत
ग्रामीणों ने बताया कि कचरा निस्तारण प्लांट को लेकर ग्रामीण नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल और मुख्यमंत्री मनोहर लाल तक को शिकायत कर चुके हैं। उन्हें उम्मीद है कि कचरा निस्तारण प्लांट को लेकर एनजीटी की ओर से यह कार्रवाई की गई है। जिससे की इस प्लांट के आस पास की भूमि की सही तरह से जांच हो सके और भूमि को होने वाले नुकसान का आंकलन किया जा सके।
हम नहीं दे सकते है ज्यादा जानकारी
9 एनवायरमेंट दिल्ली निजी कंपनी से आए कर्मचारी अमन ने बताया कि हम अपने स्तर पर कुछ भी जानकारी नहीं दे सकते है। हमें सरकार को रिपोर्ट करनी है। हमें अपनी कंपनी की ओर से लोकेशन ही दी जाती है। लोकेशन के आधार पर हम सैंपल कर उनकी जांच करते हैं।
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-कोई एजेंसी प्लांट के आस पास की भूमि के सैंपल लेने के लिए आई है। ऐसे जानकारी हमें नहीं मिली है। - अनिल मोहिल, एमई, नगर परिषद
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