फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sirsa News: मिलीभगत से बेचा जा रहा था मृत पशु का मांस, अब स्पष्ट निर्देश के साथ टेंडर जारी

Thu, 17 Oct 2024 11:18 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन


सिरसा। शहर में मृत पशुओं के निस्तारण व उठान का टेंडर एक साल से विवादों में रहा है। एजेंसी व नगर परिषद के कर्मचारी की मिलीभगत से मृत पशुओं के निस्तारण के नाम पर मांस बेचने के मामले सामने आए हैं। ऐसे में अब नगर परिषद के अधिकारियों ने नया टेंडर जारी किया है। इसमें स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि अगर कोई ठेकेदार मृत पशुओं का मांस बेचता है तो पुलिस सीधे तौर पर उनके खिलाफ कार्रवाई कर सकती है। वहीं, विभाग की ओर से टेंडर को रद्द कर दिया जाएगा।

जानकारी के अनुसार शहर में प्रति माह 20 से 30 बेसहारा, दुधारू व अन्य पशुओं की मौत होती है। सर्दी में प्रति माह मरने वाले पशुओं की संख्या 50 तक पहुंच जाती है। इनके उठान व निस्तारण का कार्य नगर निगम से अनुमति प्राप्त एजेंसी ही करती है। इस दौरान मृत पशु के निस्तारण के नाम पर उनका मांस बेचने के कई मामले सामने आए। जुलाई में पुलिस ने जांच के दौरान प्रतिबंधित मांस बेचते हुए बाइक सवार लोगों को पकड़ा था। लोगों ने बताया कि वह नगर परिषद के एक कर्मचारी से मांस लेकर आए हैं। मृत पशुओं के मांस बेचने पर पुलिस ने संबंधित कर्मचारी के खिलाफ मामला दर्ज किया था। नगर परिषद की ओर से संबंधित कर्मचारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई थी। इस दौरान सामने आया कि टेंडर में पशु के निस्तारण को लेकर कोई स्पष्ट निर्देश नहीं है। ऐसे में अब अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश के साथ मृत पशुओं के निस्तारण व उठान के लिए पांच साल का टेंडर जारी किया है। यदि कोई एजेंसी टेंडर के नियमों में लापरवाही करेगी, तो उस पर जुर्माने का प्रावधान भी किया गया है।
विज्ञापन








केस-एक

जून में भावदीन टोल प्लाजा पर पकड़ा था प्रतिबंधित पशु के मांस से भरा ट्रक

जून 2024 में डिंग थाना क्षेत्र में भावदीन टोल प्लाजा पर गोरक्षकों के साथ मिलकर डिंग पुलिस ने प्रतिबंधित पशु के मांस से भरे ट्रक को पकड़ा था। इस दौरान पुलिस ने चालक व परिचालक को गिरफ्तार कर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। पुलिस ने जनता भवन सिरसा के फ्लैट नंबर 26 निवासी पंकज कुमार की शिकायत पर दोनों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। पुलिस ने इस मामले में चालक हापुड़ निवासी जिशान, परिचालक की अजहर, सुनील पप्पू, मेरठ फलवदा निवासी हाजी सबलू, गाजियाबाद के केला भट्टा निवासी फारूक व तासिम के खिलाफ केस दर्ज किया था। चालक के अनुसार यह मांस गाजियाबाद के साहिबाबाद में बनी अर्शिया फैक्टरी में ले जाया जाना था। पुलिस ने जांच की तो सामने आया कि नगर परिषद की मृत पशुओं का टेंडर उठाने वाली एजेंसी के कुछ लोग मिले हुए हैं। एजेंसी की ओर से कोर्ट में दावा पेश किया था कि उन्हें नगर परिषद से मृत पशुओं को उठाने का टेंडर दिया गया है। इसी मामले में नगर परिषद के अधिकारियों ने पुलिस के समक्ष दावा किया था कि टेंडर के अंतर्गत मृत पशुओं के निस्तारण किया जाना है। टेंडर में कहीं भी प्रतिबंधित पशु के मांस को बेचने संबंधी छूट नहीं दी गई है।
विज्ञापन




इन नियमों के तहत नहीं बेच सकते है पशु मांस

- नगर पालिका के अधिनियम 1973 के ठोस कचरा प्रबंधन के नियमानुसार

- एनजीटी एक्ट के अनुसार पर्यावरण प्रदूषण का रखना होगा ध्यान।

- ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2016 के अनुसार हड्डारोड़ी में प्रबंधन करना होगा।





स्पष्ट निर्देशों के साथ पांच सालों के लिए नगर परिषद की ओर से मृत पशुओं को लेकर टेंडर जारी किया गया है। पूर्व में आए मामलों को देखते हुए एजेंसी को एनजीटी और नगर पालिका अधिनियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। - जयवीर सिंह, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर परिषद।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें