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पुलिस के पहरे में बंटे डीएपी के टोकन, भीड़ अधिक होने के कारण बांटे 2-2 बैग

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एसडीएम कार्यालय के बाहर सांकेतिक धरना देते हुए किसान। - फोटो : Sirsa
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सिरसा। डेढ़ सप्ताह बाद सिरसा में पहुंची डीएपी के लिए जिलेभर में दिनभर किसानों की मारमारी रही। किसान सुबह चार बजे ही केंद्रों के बाहर लाइन में लग गए। कई स्थानों पर शांतिपूर्वक ढंग से डीएपी का वितरण हुआ लेकिन अधिकतर स्थानों पर किसानों की अधिक भीड़ लगने पर परेशानी का सामना करना पड़ा। सिरसा के अनाज मंडी स्थित इफको केंद्र के बाहर भी दिनभर किसान डीएपी के लिए मारामारी करते रहे। मजबूरन पुलिस को लठ दिखाकर खाद के लिए टोकनों का वितरण करना पड़ा। स्टॉक कम पहुंचने के कारण किसानों को केवल दो दो बैग ही वितरित किए गए।
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कृषि उपनिदेशक डॉ. बाबूलाल ने बताया कि बुधवार को सुबह एक हजार मीट्रिक टन खाद जिले में पहुंचा। जबकि देर शाम को 2 हजार मीट्रिक टन खाद का रैक लगा। इनमें से 1500 मीट्रिक टन सिरसा जिले में सोसायटियों और अन्य केंद्रों पर भेजी गई है जबकि 500 मीट्रिक टन फतेहाबाद में भेजी जानी है। उधर रैक लगने की सूचना मिलते ही जिले के कई गांवों के किसान सुबह चार बजे ही सिरसा की अनाज मंडी में स्थित इफको केंद्र के बाहर कतार में खड़ा होना शुरू हो गए। देखते ही देखते किसानों की संख्या बढ़ती चली गई। कई किसान लाइन तोड़ इफको केंद्र में जाने का प्रयास करने लगे तो कर्मचारियों ने केंद्र के गेट को बंद कर दिया। किसानों द्वारा मारामारी किए जाने के कारण दोपहर 12 बजे तक एक भी टोकन नहीं बांटा जा सका। दिनभर किसान केंद्र के बाहर भीड़ कर खड़े रहे। जिसके बाद मामले की सूचना जेजे कॉलोनी चौक पुलिस को दी गई। लेकिन किसानों की संख्या अधिक होने के कारण किसान मनमानी करते रहे और पहले टोकन लेने के चक्कर में भीड़ कर केंद्र के आगे ही जमा रहे। दोपहर एक बजे शहर थाना प्रभारी ईश्वर सिंह मौके पर पहुंचे और उन्होंने भी व्यवस्था बनाने का प्रयास किया। लेकिन इसके बाद भी किसान मारामारी करते रहे और टोकन छीनने तक उतारू होते हुए दिखाई दिए। पुलिस कर्मी किसानों को बार-बार व्यवस्था बनाने के लिए लाइन में लगाने का प्रयास करते लेकिन जब वे नहीं माने तो तीन बजे शहर थाना प्रभारी ने भी टोकन बांटने बंद कर दिए और कृषि अधिकारियों के द्वारा ही टोकन बांटने की जानकारी दे वापस लौट गए।
टोकन बांटने के लिए छह स्थानों पर लगाई कतार, लेकिन नहीं माने किसान
डीएपी देने से पहले किसानों को टोकन बांट नंबर अनुसार केंद्र में जाने की जानकारी दी गई। इसके लिए पहले गेट पर खड़े किसानों को कुछ देर तक टोकन बांटे गए लेकिन किसानों की संख्या कम नहीं हुई। जिसके बाद अलग-अलग तीन स्थानों पर टोकन बांटने का प्रयास किया गया। लेकिन कोई भी किसान लाइन में लगने को तैयार नहीं दिखा और धक्का मुक्की कर पहले टोकन लेने का प्रयास करते रहे। पुलिस कर्मियों ने व्यवस्था बनाने के लिए ग्रीन बेल्ट में भी टोकन बांटने का प्रयास किया लेकिन इसके बाद भी स्थिति सामान्य नहीं हुई।
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डीएपी लेने के लिए महिलाएं भी चक्कर काटती रही दिनभर
डीएपी खाद लेने के लिए कई किसान महिलाओं को लेकर भी अनाज मंडी स्थित केंद्र में पहुंचे। लेकिन पुरुष किसानों की संख्या अधिक होने के कारण महिलाओं की दोपहर ढाई बजे तक बारी नहीं आ पाई। जिसके बाद सभी महिलाओं को एकत्र कर उन्हें टोकन दे दिए और महिलाएं वापस लौट गई। हालांकि टोकन लेने के लिए महिलाओं को काफी समय तक परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस दौरान एसडीएम जयवीर यादव भी स्थिति का जायजा लेने के लिए पहुंचे।
डिंग रोड में भी सुबह से ही किसानों की लगी लंबी कतार
डिंग मंडी। डीएपी खाद किल्लत के बीच बुधवार को डिंग रोड के इफको केंद्र में खाद वितरित की गई। खाद वितरण को लेकर इफको केंद्र के प्रभारी गुदयाल सिंह तथा सिरसा से आए कृषि विभाग के अधिकारी राजेंद्र सिंह की मौजूदगी में खाद वितरण का कार्य किया। डिंग रोड स्थित केंद्र में दिनभर तीन ट्रक खाद के पहुंचे। करीब 2100 बैग डिंग में पहुंचे। इस दौरान डिंग थाना प्रभारी कश्मीरी लाल मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया और कर्मचारियों को तैनात कर दिया।
घंटों लाइनों में खड़े रहने के बाद भी नहीं मिलती खाद
चोपटा। चोपटा क्षेत्र में डीएपी होने के बावजूद भी किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खेतों में बिजाई का समय चल रहा है, इसके बावजूद भी खाद लेने के लिए किसानों को विक्रय केंद्रों पर घंटों लाइन में खड़े रहे। इंटरनेट की धीमा चलने के कारण पीएसओ मशीन में किसानों की एंट्री नहीं हो पाई जिसके कारण खाद आवंटन में देरी हुई। किसान घंटों लाइन में लगकर इंतजार करना पड़ा।
किसान होशियार सिंह, राकेश कुमार, हनुमान सिंह, सुरेंद्र, मंतूराम, राजेंद्र, रामस्वरूप, ओमप्रकाश, धर्मपाल, राकेश, सोहनलाल, सरिता देवी, कमलेश आदि ने बताया कि गेहूं की बिजाई का समय चल रहा है। बिजाई से पूर्व खाद की आवश्यकता होती है, लेकिन पिछले कई दिनों से क्षेत्र में खाद की भारी किल्लत चल रही है। किसानों ने बताया कि चोपटा क्षेत्र के कुम्हारिया, कागदाना, शक्कर मंदोरी, रामपुरा ढिल्लों, रामपुरा बगड़िया, गिगोरानी, दड़बा कलां नाथूसरी कलां, लुदेसर, हजीरा इत्यादि गांवों के किसान खाद लेने के लिए पिछले 2 दिन से चोपटा स्थित इफको केंद्र के सामने अलसुबह लाइन में लगते हैं, लेकिन जब शाम तक खाद नहीं मिलती तो निराश होकर घर लौट जाते हैं। किसानों का कहना है एक किसान को मात्र चार या पांच बैग डीएपी के दिए जा रहे हैं। जिससे सरसों और गेहूं की बिजाई करना काफी मुश्किल काम हो गया है।
खाद की कोई कमी नहीं है, 1400 बैग डीएपी के आए हुए है लेकिन इंटरनेट धीमा चलने के कारण वितरण में देरी हो रही है। इंटरनेट की स्पीड ठीक होते ही सभी किसानों को खाद वितरित कर दी जाएगी। रोज 50 से 60 किसानों को डीएपी खाद वितरित की जा रही है।
-लालचंद गोदारा, इफको ब्रांच मैनेजर नाथूसरी चोपटा।
किसानों ने डीएपी उपलब्ध करवाने को लेकर दिया सांकेतिक धरना, तहसीलदार को सौंपा मांग पत्र
डबवाली। डीएपी उपलब्ध न करवाए जाने से परेशान किसान बुधवार को चौटाला रोड पर तहसील कॉम्लेक्स में स्थित एसडीएम डबवाली के कार्यालय के समक्ष इकट्ठे हुए। युवा किसान खुशदीप सिंह हैबूआना की अध्यक्षता में इकबाल सिंह, जगदेव सिंह, कंवरजीत सिंह, महकदीप सिंह, सतनाम सिंह, गुरपाल सिंह जोगेवाला सहित अनेक गांवों के किसान धरने पर बैठ गए। किसानों ने सांकेतिक धरना देते हुए डीएपी उपलब्ध करवाए जाने की मांग की।
उन्होंने कहा कि खाद का कोटा बढ़वाएं ताकि क्षेत्र के किसानों को 5-5 कट्टे खाद के मिल सकें। धरने की सूचना पाकर तहसीलदार डबबाली भुवनेश कुमार मेहता अपने कार्यालय से बाहर आए और उन्होंने किसानों से बात की। किसानों ने अपनी समस्याओं के समाधान और मांग से संबंधित मांग पत्र उन्हें सौंपा और वहां से चले गए। तहसीलदार भुवनेश कुमार मेहता ने बताया कि उन्होंने डीडीए सिरसा से बात की है। उन्होंने बताया कि डीएपी की गाड़ी शाम तक डबवाली पहुंच जाएगी। किसानों में डीएपी वितरित करवाकर समस्या का समाधान करवा दिया जाएगा।
वहीं इस सांकेतिक धरने के करीब तीन घंटे बाद हरियाणा किसान एकता डबवाली के सदस्य गुरप्रेम सिंह देसूजोधा की अध्यक्षता में किसानों ने डबबाली-संगरिया रोड पर स्थित सामान्य अस्पताल के समीप जाम लगा दिया। गुरप्रेम सिंह देसूजोधा ने कहा कि किसान सुबह से लाइनों में खड़े हैं और उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही। किसानों द्वारा रोड जाम किए जाने की सूचना पाकर उपमंडल कृषि अधिकारी जितेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे और उन्होंने आश्वासन दिया कि शाम 5 बजे तक डीएपी की गाड़ी पहुंच जाएगी। जिसके बाद सभी किसान उनके आश्वासन पर सहमत होकर वहां से चले गए।
डीएपी के लिए मारामारी, सुबह से लेकर शाम तक डेरा लगाकर बैठे रहे किसान
ओढां/रोड़ी। डीएपी की किल्लत ने किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। गेहूं की समय पर बिजाई करने के लिए किसान खाद के लिए दर-दर भटक रहे हैं। बुधवार को ओढां व रोड़ी में किसानों ने खाद को लेकर रोष जताया और प्रदर्शन किया। किसानों के रोष को देखते हुए खाद केंद्रों पर पुलिसकर्मी तैनात किए गए। किसानों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि एक तरफ तो सरकार पर्याप्त मात्रा में खाद होने का राग अलाप रही है तो वहीं दूसरी तरफ उन्हें दर-दर भटकना पड़ रहा है।
ओढां में इफको खाद केंद्र पर सुबह से ही ओढां, नुहियांवाली, घूकांवाली, मलिकपुरा, पन्नीवाला मोटा, जलालआना, सालमखेड़ा, रोहिड़ांवाली, जंडवाला-जटान, रत्ताखेड़ा व भागसर सहित दर्जन भर गांवों के किसान खाद के लिए पहुंच गए। काफी देर तक इंतजार करने के बाद उन्होंने कर्मचारियों से पूछा तो उन्होंने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि उनके पास अभी तक खाद बारे कोई मैसेज नहीं है। किसानों के रोष को देखते हुए मौके पर पुलिसकर्मी तैनात किए गए। किसान खाद को लेकर बार-बार कर्मचारियों से पूछते रहे, लेकिन वे खाद का मैसेज न आने का जवाब देते रहे। इस दौरान आक्रोशित किसान कर्मचारियों से उलझते नजर आए। सुबह से लेकर देर शाम तक किसान खाद के लिए केंद्र के बाहर डेरा लगाकर बैठे रहे। नुहियांवाली के किसान बलविंदर नेहरा, सुभाष बड़जाती, सुरेंद्र कूकणा व साहब राम ने बताया कि वे काम-धंधा छोड़कर सुबह से खाद के लिए डेरा लगाए बैठे हैं। लेकिन उन्हें खाद नहीं मिल रही। पूछे जाने पर कर्मचारी मैसेज न आने की बात कह रहे हैं।
वहीं रोड़ी में भी किसानों ने खाद न मिलने को लेकर खूब हंगामा किया। जिसके बाद पुलिस ने स्थिति संभाली। दरअसल किसानों को एक निजी दुकान पर 300 बैग डीएपी आने की खबर मिली तो काफी संख्या में किसान वहां पहुंच गए। एक आधार कार्ड पर 5 बैग खाद दिए जाने की बात कही गई, लेकिन बाद में 4 बैग कर दिए गए। आधार कार्ड देने के लिए किसानों की होड़ मच गई। खाद का वितरण शुरू कर दिया गया, लेकिन करीब 75 किसानों को ही खाद मिल पाई। जिसके बाद जो किसान खाद से वंचित रह गए तो उन्होंने हंगामा कर दिया। किसानों के रोष को देखते हुए दुकानदार ने शटर डाउन करना ही उचित समझा। इस दौरान रोड़ी थाना प्रभारी सुधीर मल्हान ने पुलिसकर्मियों सहित पहुंचकर स्थिति संभाली। वहीं सूचना के बाद कृषि विभाग के एटीएम मुनीर कुमार मौके पर पहुंचे और किसानों को आश्वस्त किया कि उन्हें 2 दिन के बाद खाद मुहैया हो जाएगी। जिसके बाद किसान शांत हो गए और घरों को लौट गए।
जब ट्रक में खाद लोड होती है तो हमारे पास मैसेज आ जाता है। लेकिन बुधवार को उनके पास कोई मैसेज नहीं आया। हमने खाद के लिए न ही तो कोई मुनादी करवाई और न ही फोन कर किसानों को बुलाया। खाद आती है तो हमने तो उसका वितरण ही करना है।
-अमनदीप सिंह, सेल ऑफिसर (इफको बाजार ओढां)

ओढां में खाद केंद्र के बाहर रोष व्यक्त करते किसान।- फोटो : Sirsa

किसानों को टोकन बांटते शहर थाना प्रभारी ईश्वर सिंह। - फोटो : Sirsa

अनाज मंडी स्थित इफको केंद्र के बाहर डीएपी लेने के लिए लगी किसानों की भीड़।- फोटो : Sirsa

डीएपी लेने के लिए पहुंचे किसानों को लाइन में लगाते जेजे कॉलोनी चौकी इंचार्ज बलवान सिंह- फोटो : Sirsa

लठ दिखाकर किसानों को बैठाने का प्रयास करते पुलिस कर्मी। - फोटो : Sirsa

डिंग इफकों केंद्र के बाहर डीएपी लेने के लिए लगी किसानों की लंबी लाइन- फोटो : Sirsa

डीएपी खाद लेने के लिए इफको खाद केंद्र पर खड़े किसान।- फोटो : Sirsa

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