संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। अंकित भादू हत्याकांड में मामले में खुलासा हुआ है कि प्रेम प्रसंग से नाराज युवती के परिजनों ने अंकित की लाठी-डंडों से पीटकर हत्या की थी। इसके बाद अंकित के शव को गांव जमाल के पास सेम नाले में फेंक दिया। सदर थाना पुलिस ने हत्याकांड में शामिल युवती व उसके भाई को गिरफ्तार कर लिया है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
27 जुलाई को गांव मौजदीन के पास सेम नाले में एक अज्ञात युवक का शव पुलिस ने बरामद किया था। 29 जुलाई को शव की पहचान अंकित भादू पुत्र शीशपाल निवासी गांव फेफाना के रूप में हुई। अंकित के बड़े भाई बंसीलाल ने आरोप लगाया था कि उसके भाई अंकित की हत्या गांव जमाल की एक युवती के चक्कर की गई है।
इसके बाद पुलिस ने अंकित के चचेरे भाई सुरेश कुमार केे बयान व पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर गांव जमाल निवासी युवती ममता, उसके भाई राकेश व अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी। शिकायतकर्ता सुरेश ने पुलिस को बताया कि अंकित गांव जमाल निवासी ममता से फोन पर बातचीत करता था जिससे ममता के परिजन उससे रंजिश रखने लगे थे।
जिला पुलिस प्रवक्ता राजपाल का कहना है कि आरोपी ममता व राकेश को अदालत में पेश किया गया है। अदालत ने ममता को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है जबकि आरोपी राकेश को दो दिन के पुलिस रिमांड में भेजा है। 25 जुलाई को परिजनों के दबाव में ममता ने अंकित को फोन करके मिलने के लिए गांव बुलाया।
अंकित ममता से मिलने खेत में पहुंचा तो घरवालों ने उसे घेर लिया। इसके बाद ममता, उसका भाई राकेश व अन्य परिवार वालों अंकित पर लाठी-डंडों से हमला कर उसकी हत्या कर दी और उसके शव को जमाल से होकर गुजरने वाले सेम नाले में फेंक दिया।
हत्या करने के बाद अंकित के खिलाफ छेड़छाड़ का आरोप लगाकर दर्ज कराई प्राथमिकी : खास बात यह है कि अंकित की हत्या करने के बाद ममता अपने भाई के साथ 27 जुलाई की रात को चोपटा थाने पहुंची और अंकित के खिलाफ छेड़छाड़ करने का आरोप लगाकर प्राथमिकी दर्ज करा दी।
सूत्रों के अनुसार, 27 जुलाई की सुबह अंकित का शव सेम नाले में मिलने के बाद ममता घबरा गई थी। शिकायत में ममता ने अंकित पर आरोप लगाया कि 15 जुलाई को हिसार रोड स्थित ओएचएम में फिल्म देखने के दौरान उसके साथ छेड़छाड़ की थी। वह एक आश्रम में डाटा एंट्री ऑपरेटर थी।