पुलिस अधीक्षक विक्रांत भूषण ने कहा कि साइबर बुलिंग से लेकर बच्चे इंटरनेट पर ऐसा काफी कुछ देखते हैं, जिससे बच्चों के मस्तिष्क पर काफी बुरा असर पड़ता है। इसलिए बच्चे कम उम्र में ही हिंसक व गुस्सैल बन जाते है, जोकि बच्चों के लिए बेहद ही घातक साबित हो रहा है। बच्चों के लिए इंटरनेट या गैजेट्स को यूज करने से तो नहीं रोका जा सकता परंतु इसके लिए अभिवावकों को चाहिए की बच्चों को इंटरनेट के हानिकारक प्रभाव तथा इंटरनेट सेफ्टी के बारे में कुछ महत्वपूर्ण टिप्स बताने चाहिए, ताकि भविष्य में बच्चों के साथ किसी प्रकार के साइबर फ्रॉड से संबंधित अपराधों की पुनरावृति न होने पाए।
पैरेंटल ब्लॉक लगाएं :
बच्चे इंटरनेट पर कुछ गलत ना देखें या फिर उनके लिए अनुपयुक्त वेबसाइटों को यूज ना करें, इसके लिए सबसे अच्छा तरीका है कि आप पैरेंटल ब्लॉक लगाएं। इससे आप बच्चे को फोन व इंटरनेट पर उनके लिए अनुपयुक्त ऐप्स व वेबसाइट्स को देखने से रोक सकते हैं।
फिजिकल एक्टिविटीज के लिए करें प्रोत्साहित :
अगर आप बच्चे को इंटरनेट विक्टिम होने से बचाना चाहते हो तो इसका एक तरीका यह भी है कि आप उन्हें फिजिकल एक्टिविटीज के लिए प्रोत्साहित करें। ऐसा करने से आप बच्चे की स्क्रीन टाइम को लिमिटेड कर पाएंगें। जब बच्चे केवल जरूरत पड़ने पर इंटरनेट यूज करेंगे तो इससे इंटरनेट रिस्क कम होगा। साथ ही, फिजिकल एक्टिविटीज से उनकी लाइफ व हेल्थ भी बेहतर होगी।
अलग अकाउंट बनाएं :-
अगर बच्चा आपके स्मार्टफोन या कंप्यूटर का उपयोग करता है, तो ऐसे में अपने डाटा को सेफ रखने के लिए कोशिश करें कि आप उसके लिए एक अलग अकाउंट बनाएं। इस तरह एक अलग अकाउंट होने से आपके डेटा या फाइल एक्सेस को रोका जा सकता है।