गांव ओटू में प्रोबेशन ऑफिसर और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई की बदौलत दो नाबालिग बहनें बालिका वधू बनने से बच गई। प्रोबेशन ऑफिसर मोनिका चौधरी ने मौके पर पहुंचकर शादी को रुकवाया।
इसके बाद बारात को बैरंग लौटना पड़ा। नाबालिग बहनों के घरवालों से उनकी आयु से संबंधित प्रमाण पत्र मांगा गया लेकिन वे कोई भी दस्तावेज दिखा नहीं पाए।
जानकारी के अनुसार गांव ओटू में शुक्रवार रात को दो बहनों की शादी थी और बारात राजस्थान से आने वाली थी। शाम को बारात गांव में पहुंची और बाराती नाच-गाकर शादी का जश्न मनाने लगे।
इसी बीच किसी जागरूक व्यक्ति ने प्रोबेशन ऑफिसर मोनिका चौधरी के पास फोन किया और गांव में नाबालिग बहनों की शादी होने संबंधित सूचना दी।
सूचना मिलते ही प्रोबेशन ऑफिसर ने रानियां थाना पुलिस से संपर्क साधा। रानियां थाना प्रभारी दलीप सिंह व प्रोबेशन ऑफिसर मौके पर पहुंचे और परिजनों से दोनों लड़कियों का आयु प्रमाण पत्र मांगा। परिजन एक भी दस्तावेज पेश नहीं कर सके।
इसके बाद शादी को रुकवा दिया गया। बारात भी बिना दुल्हन को लिए वापस चली गई। प्रोबेशन ऑफिसर मोनिका चौधरी ने बताया कि परिजनों से आयु प्रमान पत्र मांगा गया था।
अब उन्हें कहा गया है कि नाबालिग की शादी करना अपराध है। ऐसा करने पर दो साल तक की सजा हो सकती है। परिजनों ने आश्वासन दिया है कि वे बेटियों के बालिग होने का इंतजार करेंगे।